
ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र में 2 सितम्बर को नाले से मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्या के मामले में मृतक के चचेरे भाई को गिरफ्तार किया गया है। उसने शक में यह हत्या की है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्तिमोहन अवस्थी ने बताया कि 7 सितंबर 2025 को पैरामाउंट चौराहे के पास से हत्या के आरोपी इकरार सैफी उर्फ मोटा (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया।पुलिस ने बताया कि मृतक नसीम का शव 2 सितंबर 2025 को ऐमनाबाद के पास नाले में मिला था। जांच के दौरान हत्यारोपी इकरार के कब्जे से नसीम का आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और मोटरसाइकिल की चाबी बरामद हुई।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इकरार और नसीम चचेरे भाई थे। दोनों ग्राम ऐमनाबाद में किराए के मकान में अलग-अलग कमरों में रहते थे और कारपेंटर का काम करते थे। इकरार ने बताया कि नसीम उसकी पत्नी को अलग-अलग नंबरों से वीडियो कॉल कर परेशान करता था और उस पर बुरी नजर रखता था। कई बार समझाने के बावजूद नसीम नहीं माना। 2 सितंबर को इकरार ने गुस्से में नसीम को फोन कर क्रिकेट मैदान पर बुलाया। वहां से दोनों जलपुरा गांव के पास बिजलीघर के निकट पहुंचे। नसीम से उसका फोन मांगने पर दोनों में झड़प हुई। गुस्से में इकरार ने नसीम का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया। नसीम का पर्स, जिसमें उसका आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और फोटो थे, इकरार ने अपने पास रख लिया।
डीसीपी अवस्थी ने बताया कि अभियुक्त इकरार सैफी उर्फ मोटा, पुत्र फकीरा सैफी, निवासी ग्राम हैबतपुर चौधरियान, थाना मंडी धनौरा, अमरोहा है। उसके खिलाफ थाना बिसरख में मुकदमा संख्या 672/2025, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया और आगे की जांच जारी है।