मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक चौंकाने वाला और अनोखा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक सिस्टम की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधनी तहसील कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ग्रामीण मरा हुआ देसी मुर्गा लेकर दफ्तर पहुंच गया। देखने वालों को पहले तो यह मज़ाक लगा, लेकिन जब उस व्यक्ति ने अपनी व्यथा सुनाई तो हर कोई हैरान रह गया। यह विरोध महज एक मुर्गे की मौत को लेकर नहीं था, बल्कि गांव में व्याप्त गंदगी, नाले की अनुपस्थिति और जानलेवा हालातों के खिलाफ था। असगर खान नामक इस ग्रामीण ने बताया कि उसके घर के पास पानी जमा होता है, जिससे जहरीले सांप और गोह जैसे जीव पनप रहे हैं। एक सांप ने उसके मुर्गे को डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जब सरपंच और स्थानीय प्रशासन ने लगातार शिकायतों के बावजूद ध्यान नहीं दिया, तो उसने यह अनोखा कदम उठाया — ताकि उसके गांव की समस्या सिर्फ सुनी ही नहीं जाए, बल्कि उसे सुलझाया भी जाए।
अनोखा विरोध बना सुर्खियों का कारण
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तर की गंभीरता को हिलाकर रख दिया। ग्राम ई पीलीकरार निवासी असगर खान शुक्रवार को मरा हुआ देसी मुर्गा लेकर तहसील कार्यालय पहुंच गए। इस दृश्य को देखकर दफ्तर में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी चौंक गए। असगर ने कहा कि यह मुर्गा जहरीले सांप के काटने से मरा है और इसका जिम्मेदार प्रशासन की अनदेखी है।
मुर्गे की मौत बनी नाले की मांग का आधार
असगर खान का आरोप है कि उनके घर के पास पानी जमा होता है क्योंकि गांव में नाले की सुविधा नहीं है। इस जमे हुए पानी से आसपास की जमीन दलदली हो गई है और इसमें सांप, गोह जैसे जहरीले जीव पनपने लगे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को एक सांप ने उनके मुर्गे को डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। कई बार सरपंच से शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला, इसलिए उन्होंने इस अनोखे तरीके से तहसील कार्यालय में विरोध जताया।
हर 15 दिन में एक सांप को मारना पड़ता है
असगर का कहना है कि इस समस्या से पूरा परिवार डरा हुआ है। नाले की व्यवस्था न होने से वह और उनका परिवार रोज़ खतरे में जी रहा है। उन्होंने कहा, "हम हर 15 दिन में एक सांप को मारते हैं, अब जानवरों के साथ इंसानों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।"
प्रशासन ने दिया आश्वासन, जल्द होगा समाधान
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्राम सरपंच ने बताया कि जल्द ही ग्राम पंचायत की ओर से नाला निर्माण का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। तहसील प्रशासन ने भी इस मांग को गंभीरता से लिया है और मौके पर सर्वे करने की बात कही है।