Death Cap Mushroom : पुणे के केतन अग्रवाल की मौत के मामले की जांच के दौरान Death Cap Mushroom का जिक्र सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में सिया गोयल की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री को भी देखा गया था. हालांकि, किसी खास सर्च का मकसद क्या था, इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है.
क्या होता है Death Cap Mushroom?
Death Cap Mushroom का वैज्ञानिक नाम Amanita phalloides है. यह दुनिया के बेहद जहरीले मशरूमों में गिना जाता है। इसमें amatoxin नामक विषैले तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में पहुंचने के बाद मुख्य रूप से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। गंभीर मामलों में लिवर फेलियर और मौत तक हो सकती है.
इसे पहचानना क्यों मुश्किल है?
इस मशरूम का सबसे बड़ा खतरा यह है कि जहरीली प्रजातियां कुछ खाने योग्य मशरूम जैसी दिखाई दे सकती हैं. CDC के मुताबिक, अनुभव न रखने वाले लोगों के लिए केवल बाहरी रूप देखकर जहरीले और सुरक्षित मशरूम में अंतर करना मुश्किल हो सकता है. इसी वजह से जंगली मशरूम खाना जोखिम भरा माना जाता है.
सिया ने इसे क्यों सर्च किया था?
केस की रिपोर्ट्स में सिया द्वारा Death Cap Mushroom से जुड़ी ऑनलाइन जानकारी खोजने का जिक्र किया गया है. पुलिस की जांच में ऑनलाइन सर्च समेत डिजिटल सबूतों को देखा गया है, लेकिन सिर्फ किसी चीज को इंटरनेट पर सर्च करना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसका इस्तेमाल किसी अपराध में किया गया था। सर्च का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच में सामने आने वाले अन्य सबूतों और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा.
जहर कितना खतरनाक हो सकता है?
Death Cap में मौजूद amatoxins खाना पकाने या सामान्य तरीके से तैयार करने से निष्क्रिय नहीं होते. विषाक्तता के लक्षण कई घंटे बाद शुरू हो सकते हैं और गंभीर मामलों में लिवर को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए किसी अज्ञात जंगली मशरूम को खाना बेहद जोखिम भरा है.