मध्य प्रदेश के नीमच जिले का सरवानिया महाराज गांव उस वक्त गहरे शोक में डूब गया, जब एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की एक साथ मौत हो गई। जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाने वाला यह दंपति मौत के बाद भी एक-दूसरे से जुदा नहीं हुआ। जब गांव में एक साथ दो अर्थियां उठीं, तो हर आंख नम हो गई और पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया।
दर्दनाक हादसे ने छीन ली दो जिंदगियां
यह हृदयविदारक हादसा चित्तौड़गढ़-नीमच मार्ग पर शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। सरवानिया महाराज निवासी लखन मालू अपनी पत्नी सरिता मालू के साथ मारुति ओमनी वैन से जा रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे टायर बदल रही एक पिकअप को पीछे से वैन ने टक्कर मार दी। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक थार कार भी दोनों वाहनों से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में लखन और सरिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एक साथ उठीं अर्थियां, टूट गया गांव का कलेजा
हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मातम पसर गया। शनिवार को जब पति-पत्नी की अर्थियां एक साथ उठीं, तो गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा। जिस घर में कुछ समय पहले हंसी-खुशी थी, वहां अब सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें थीं। अंतिम यात्रा में शामिल हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन हो गया।
हादसे में एक और मौत, एक गंभीर घायल
इस तिहरे सड़क हादसे में मंदसौर जिले के भुवानिया खेड़ी निवासी पिकअप चालक बस्तीतीलाल प्रजापत की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पिकअप का सहचालक गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया और क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
साथ जीने-मरने की कहानी बन गई मिसाल
गांववालों का कहना है कि लखन और सरिता हमेशा एक-दूसरे के साथ ही रहते थे। वे कहीं भी अकेले नहीं जाते थे। शायद यही वजह है कि मौत भी उनके रिश्ते को तोड़ नहीं सकी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की खुशियां उजाड़ गया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो गया।