
Death penalty: चीन की अदालत ने अपराधों के एक बड़े नेटवर्क में शामिल म्यांमार स्थित मिंग परिवार के 11 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत का कहना है कि यह पूरा परिवार मिलकर एक संगठित गिरोह चला रहा था, जो हत्या, धोखाधड़ी, देह व्यापार, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध जुए जैसे अपराधों में लिप्त था। अदालत ने पांच अन्य आरोपियों को निलंबित मौत की सजा और 12 लोगों को लंबी कैद की सजा सुनाई है। यह मामला चीन में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
अपराधों की लंबी फेहरिस्त
मिंग फैमिली पर आरोप है कि उन्होंने सालों तक म्यांमार के कोकांग इलाके से क्राइम नेटवर्क चलाया। इनके धंधों में टेलीकॉम फ्रॉड, अवैध कसिनो, ड्रग्स तस्करी, ट्रैफिकिंग और देह व्यापार शामिल था। जांच में सामने आया कि परिवार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपये की कमाई अवैध तरीकों से की। कर्मचारियों को जबरन काम पर लगाया जाता था और जो भागने की कोशिश करता, उसे यातनाएं दी जातीं और हत्या कर दी जाती थी। चीनी मीडिया के मुताबिक, मिंग गैंग ने सीमा पार कई कसिनो और घोटालों के अड्डे बनाए, जहां से बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का खेल चलता रहा।
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ऐसे हुआ खुलासा
करीब दो साल पहले विद्रोही गुटों ने लौकाई इलाके में मिंग परिवार के अड्डों पर हमला किया, जिसमें गिरोह के मुखिया की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को इनके गुनाहों का पूरा नेटवर्क समझ आया। कोर्ट में पेश सबूतों से सामने आया कि परिवार ने फर्जी निवेश योजनाओं, फिशिंग स्कैम और जबरन वसूली तक का कारोबार फैला रखा था। अदालत ने माना कि यह संगठित गिरोह न केवल चीन बल्कि पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी निशाना बनाता था। इसी खौफनाक सच्चाई के सामने आने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए परिवार के 11 लोगों को मौत की सजा सुना दी।