Film Actress Former MP Ramya: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस और पूर्व सांसद दिव्या स्पंदना उर्फ राम्या एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मुद्दा आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राम्या ने ऐसा सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। उनका बयान सीधे तौर पर कोर्ट की उस दलील से जुड़ा था, जिसमें कुत्तों के “मूड” को लेकर चिंता जताई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच आवारा कुत्तों से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान कोर्ट ने कहा था कि यह पहचानना मुश्किल है कि कौन सा कुत्ता कब आक्रामक हो सकता है। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने की जरूरत पर भी जोर दिया था। इसी टिप्पणी को लेकर राम्या ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
राम्या का तीखा सवाल
राम्या ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि अगर इंसानों के व्यवहार का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता, तो क्या सभी मर्दों को जेल में डाल देना चाहिए। उनका कहना था कि सिर्फ संभावित खतरे के आधार पर किसी पूरे वर्ग को सजा देना सही नहीं है। इस बयान को कई लोगों ने आवारा कुत्तों के समर्थन के रूप में देखा, तो कुछ ने इसे अतार्किक बताया।
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पहले भी विवादों में रही हैं राम्या
यह पहली बार नहीं है जब राम्या अपने बयानों को लेकर विवादों में आई हों। इससे पहले उन्होंने एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कानून के पक्ष में बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें धमकियां भी मिली थीं। उस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और खुलकर अपनी बात रखी थी।
आवारा कुत्ते बनाम जन सुरक्षा, बहस जारी
देश के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों को हटाने के फैसले का विरोध हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समस्या कुत्तों की नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही की है। उनका तर्क है कि वैक्सीनेशन और नसबंदी जैसे उपायों से समाधान निकाला जाना चाहिए। फिलहाल, राम्या के बयान ने एनिमल लवर्स और पब्लिक सेफ्टी के समर्थकों के बीच नई बहस को हवा दे दी है।