ग्रेटर नोएडा/लखनऊ। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच के बाद सिक्योरिटी वेटिंग क्लियरेंस प्रदान कर दिया है। इस मंजूरी से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि अब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की अंतिम निरीक्षण टीम एयरपोर्ट का दौरा करेगी और संतोषजनक पाए जाने पर एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। यह क्लियरेंस एयरपोर्ट के प्रमुख सुरक्षा दस्तावेजों जैसे बॉम्ब थ्रेट कंटिंजेंसी प्लान (बीटीसीपी), एंटी-हाइजैक कंटिंजेंसी प्लान (एएचसीपी) और एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) को मंजूरी देती है। कई महीनों से लंबित इस क्लियरेंस के लिए बीसीएएस टीम ने कई दौर की जांच की थी और कुछ कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे, जिन्हें पूरा कर लिया गया।
कुछ रिपोर्ट्स में इसे कंडिशनल क्लियरेंस बताया गया है, जिसमें शर्तों का पालन करना होगा, लेकिन कुल मिलाकर यह अंतिम बड़ी बाधा दूर होने का संकेत है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) के सीईओ राकेश सिंह ने पुष्टि की कि बीसीएएस से सिक्योरिटी वेटिंग अप्रूवल मिलने के बाद एयरोड्रम लाइसेंस जल्द जारी होने की उम्मीद है। लाइसेंस मिलते ही व्यावसायिक उड़ानें शुरू की जा सकेंगी। कई सूत्रों के अनुसार, लाइसेंस के बाद 45 दिनों के भीतर पहली उड़ानें संचालित हो सकती हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात को बड़ी राहत मिलेगी।
यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो जेवर में विकसित हो रहा है। पहले चरण में रनवे, टर्मिनल और अन्य बुनियादी ढांचा तैयार है। उद्घाटन मार्च के अंत या नवरात्रि के आसपास संभव माना जा रहा है। यह विकास क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।