
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दो दिवसीय जैसलमेर पहुंचे हैं। आज उनके दौरे का दूसरा दिन था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हेलीकॉप्टर से लोंगेवाला बॉर्डर पहुंचे। यहां पर 1971 के भारत-पाक युद्ध मे शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र रखा। वहीं जवानों से बातचीत की। इस मौके पर भारतीय सेना की नई ऑपरेशनल क्षमताओं और युद्ध तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैयारियों और ताकत का प्रदर्शन किया गया।
भारतीय सेना की तत्परता का प्रतीक
रक्षा मंत्री अपने इस दौरे के दौरान तनोट भी जाएंगे। यहां पर वे तनोट माता के दर्शन करने वाले हैं। यहां रक्षा मंत्री जवानों को देशभक्ति और राष्ट्र सेवा का संदेश देंगे. उनके इस दौरे का लक्ष्य सीमा सुरक्षा और भारतीय सेना की तत्परता का प्रतीक बताया गया है। तनोट से रक्षा मंत्री जैसलमेर आर्मी कैंट जाएंगे। यहां पर वह आयोजित आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में सेना की रणनीतिक तैयारियों, संचालनात्मक क्षमताओं और तकनीकों पर खास चर्चा होगी. इसके बाद रक्षा मंत्री जैसलमेर से से दिल्ली के लिए निकलेंगे.
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को सबक सिखाया
जैलसमेर दौरे के दौरान के वक्त पहले दिन रक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर चुके हैं। इसमें उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को सबक सिखाया। उससे अब पाकिस्तान किसी तरह की हिमाकत नहीं कर सकेगा. हमने उनके सैन्य ठिकानों के टार्गेट बनाया. रावलपिंडी तक देश ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है, बस स्थगित किया गया है. अगर पाकिस्तान ने फिर से किसी तरह की गुस्ताखी की तो हमारा जवाब और भी कड़ा होगा.