Heart Attack: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब कम उम्र के युवा भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में दो खास विटामिन की कमी दिल के दौरे के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा सकती है।
10 में से 8 मरीजों में पाई जा रही कमी
एक स्टडी के मुताबिक हर 10 में से 8 मरीजों में विटामिन डी और बी12 की कमी पाई जा रही है। यही कमी होमोसिस्टीन बढ़ाकर दिल, दिमाग और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा रही है। अगर आप इन कमियों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंध हमीदिया अस्पताल के हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता के अनुसार, 70 से 80 प्रतिशत मरीजों में विटामिन डी व बी12 का स्तर सामान्य से काफी कम है। यह समस्या अब बुजुर्गों तक सीमित नहीं, बल्कि 22 से 45 वर्ष के युवाओं में बढ़ रही है।
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होमोसिस्टीन क्यों बन रहा जानलेवा
होमोसिस्टीन एक साधारण अमीनो एसिड है, जो शरीर में प्रोटीन के टूटने पर बनता है। सामान्य मात्रा में यह शरीर के लिए ठीक है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करता है। डॉ. राजीव गुप्ता बताते हैं कि होमोसिस्टीन की सामान्य सीमा 5 से 15 माइक्रोमोल प्रति लीटर होती है। 50 से ऊपर पहुंचना बेहद खतरनाक है। हार्ट अटैक के करीब 60 प्रतिशत मामलों में इसका स्तर बढ़ा हुआ मिलता है।
विटामिन-डी और बी12 की कीमी हार्ट के लिए खतरा
आपको बता दें कि ज्यादातर लोग विटामिन D को केवल हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका सीधा संबंध आपके हृदय स्वास्थ्य से है। विटामिन डी की कमी से धमनियों में कड़ापन आ सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। वहीं, विटामिन B12 की कमी शरीर में होमोसिस्टीन नामक अमीनो एसिड का स्तर बढ़ा देती है। बढ़ा हुआ होमोसिस्टीन खून के थक्के जमने की संभावना को बढ़ा देता है और धमनियों को डैमेज करता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- जरा सा चलने पर सांस फूलना
- सीने में हल्की जकड़न या बेचैनी
- लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
- दिल की धड़कन का अनियंत्रित होना