
मॉरीशस के मध्य करियर सिविल सेवकों का एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जिला गौतम बुद्ध नगर आया। यह पहली बार है जब मॉरीशस के सिविल सेवकों को भारत में ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से अच्छी चर्चा की।
इस मौके पर जिलाधिकारी मेधा रूपम और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने स्वागत किया। अन्य अधिकारियों में अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदौरिया, तहसीलदार जेवर प्रतीक चौहान, उपयुक्त उद्योग अनिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार और सहकारिता विभाग से आलोक रंजन भी मौजूद थे। सभी ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
योजनाओं को लागू करने की पूरी जानकारी ली
भ्रमण के दौरान मॉरीशस के सदस्यों ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, काम करने के तरीके, विकास मॉडल और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की पूरी जानकारी ली। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्मार्ट सिटी मिशन, उद्योगों का विकास, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने जैसे कार्यों के बारे में बताया।
पारदर्शिता का बेहतरीन उदाहरण
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन की ई-गवर्नेंस सिस्टम, डिजिटल सेवाओं, शिकायतों को जल्दी हल करने की प्रणाली और निवेशकों के लिए एक ही खिड़की की सुविधा की तारीफ की। उन्होंने इसे अच्छे शासन और पारदर्शिता का बेहतरीन उदाहरण बताया।चर्चा में दोनों देशों के अधिकारियों ने एक-दूसरे से सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और प्रशासन को बेहतर बनाने के तरीकों पर बात की। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय नोएडा एयरपोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड फेयर के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट की। वहीं, एनसीजीजी (भारत सरकार) की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशी रस्तोगी ने जिलाधिकारी को एक स्मृति चिन्ह दिया।यह भ्रमण भारत-मॉरीशस के बीच सिविल सेवाओं में सहयोग को मजबूत करने का एक कदम है। भारत सरकार के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के तहत मॉरीशस के सिविल सेवकों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जैसा कि हाल के समझौतों में तय हुआ है।