दिल्ली के एक आश्रम में बाबा चैतन्यानंद के डर्टी गेम का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें ज्यादातर गरीब तबके या फौजी परिवारों से हैं। ये छात्राएं आर्थिक और पारिवारिक मजबूरियों के कारण अब तक चुप थीं। एक ईमेल और एक पत्र ने इस पूरे मामले की परतें खोल दीं। पुलिस बाबा को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और इस मामले की जांच तेज कर दी गई है।
एक ईमेल और पत्र से खुला राज
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पूर्व छात्रा ने 28 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा। इस पत्र में छात्रा ने चैतन्यानंद पर यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए। यह पत्र 31 जुलाई को संस्थान को मिला। इसके बाद 1 अगस्त को भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल आया, जिसमें कई छात्राओं की शिकायतों का जिक्र था। इसमें बताया गया कि बाबा देर रात लड़कियों को व्हाट्सएप मैसेज भेजते थे और मनमाने फैसले लेते थे।
छात्राओं ने बताई दर्दनाक कहानी
पुलिस की एफआईआर के अनुसार, अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से कई छात्राएं गरीब या फौजी परिवारों से हैं और अपनी पढ़ाई व करियर को बचाने के लिए चुप रहीं। आरोप है कि बाबा और उनके सहयोगियों ने छात्राओं के सभी शैक्षणिक सर्टिफिकेट अपने कब्जे में ले रखे थे। इस कारण कई लड़कियां सामाजिक दबाव और करियर खराब होने के डर से खुलकर सामने नहीं आ सकीं।
डर और दबाव का खेल
एक छात्रा ने पुलिस को बताया कि पहली मुलाकात में ही बाबा ने उसे अजीब नजरों से देखा और बाद में देर रात मैसेज करने लगे। वह “बेबी” और “आई लव यू” जैसे मैसेज भेजते थे। विरोध करने पर छात्रा की अटेंडेंस और मार्क्स कम कर दिए गए। मार्च 2025 में ऋषिकेश यात्रा के दौरान बाबा ने लड़कियों के साथ अश्लील टिप्पणियां कीं और स्टाफ ने छात्राओं को चैट डिलीट करने के लिए मजबूर किया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
दिल्ली पुलिस बाबा चैतन्यानंद की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। जांच अधिकारी मानते हैं कि कई छात्राएं शारीरिक शोषण की शिकार भी हो सकती हैं, जो फिलहाल डर और समाज के दबाव के कारण सामने नहीं आ रही हैं।