Delhi 2BHK Redevelopment : दिल्ली में पुराने फ्लैट, सरकारी कॉलोनियां और हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है. दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत पुराने और जर्जर मकानों के रीडेवलपमेंट का रास्ता साफ किया जा रहा है. इसके तहत पुरानी इमारतों की जगह नई और आधुनिक बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, जिनमें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
क्या 2BHK के बदले मिलेगा बड़ा फ्लैट?
रीडेवलपमेंट योजना को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या पुराने 2BHK फ्लैट के बदले 3BHK फ्लैट मिलेगा. हालांकि यह हर मामले में तय नहीं है. नए फ्लैट का आकार उस इलाके के FAR नियम, प्लॉट के आकार और सोसायटी व बिल्डर के बीच हुए समझौते पर निर्भर करेगा. लेकिन बढ़े हुए FAR के कारण कई मामलों में फ्लैट मालिकों को पहले से बड़ा घर मिलने की संभावना जताई जा रही है.
बिल्डरों को मिलेगा ज्यादा निर्माण अधिकार
नई योजना में बिल्डरों को पहले की तुलना में 1.5 गुना तक अतिरिक्त FAR देने का प्रस्ताव है. इससे वे एक ही जमीन पर ज्यादा निर्माण कर सकेंगे. पुराने निवासियों को नए फ्लैट देने के बाद बची हुई इकाइयों को बेचकर बिल्डर अपना खर्च और मुनाफा निकाल सकेंगे. इसी मॉडल पर रीडेवलपमेंट को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
छोटी सोसायटियों को भी मिलेगा मौका
पहले रीडेवलपमेंट के लिए कम से कम 40 हजार वर्ग मीटर जमीन की शर्त थी. अब इसे घटाकर 3 हजार वर्ग मीटर कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अब छोटी और पुरानी हाउसिंग सोसायटियां भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगी. अनुमान है कि ऐसे रीडेवलपमेंट से करीब 7 लाख नए घर तैयार हो सकते हैं.
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नए फ्लैट में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
रीडेवलपमेंट के बाद बनने वाले नए आवासीय परिसरों में लिफ्ट, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, बेहतर सीवरेज सिस्टम, जल पुनर्चक्रण व्यवस्था और हरित क्षेत्र जैसी सुविधाओं पर जोर रहेगा. साथ ही आग और भूकंप जैसी आपात स्थितियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे.
2047 तक 40 लाख नए घरों का लक्ष्य
मास्टर प्लान 2047 के तहत दिल्ली में 40 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों की जरूरत का अनुमान लगाया गया है. इनमें बड़ी संख्या रीडेवलपमेंट, ट्रांजिट आधारित विकास, लैंड पूलिंग और किफायती आवास योजनाओं के जरिए तैयार करने की योजना है. इसके साथ ही नई सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा.
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ पुरानी DDA सोसायटियों, सरकारी आवासों, को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियों और पुरानी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मिल सकता है. हालांकि अनधिकृत कॉलोनियां, शहरी गांव, झुग्गी बस्तियां, यमुना के डूब क्षेत्र और लुटियंस जोन जैसे इलाकों पर यह रीडेवलपमेंट मॉडल लागू नहीं होगा. सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली में रहने की सुविधाएं बेहतर होंगी और शहर को आधुनिक स्वरूप मिलेगा.