राजधानी दिल्ली की आबोहवा में सोमवार सुबह हल्का सुधार दर्ज किया गया, लेकिन स्थिति अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 345 रिकॉर्ड किया गया, जो रविवार के 391 से कुछ बेहतर जरूर है, पर राहत के संकेत नहीं देता। प्रदूषण का स्तर अब भी लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है।
सुबह खतरनाक, शाम को मिली थोड़ी राहत
सुबह के समय हवा में प्रदूषक कणों की घनत्व इतनी बढ़ गई कि AQI 565 तक पहुंच गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। कोहरे की मोटी चादर और ठंडी हवाओं के बीच सांस लेना मुश्किल हो गया था। हालांकि, दोपहर में धूप खिलने और हवा की रफ्तार बढ़ने से कुछ राहत मिली और शाम तक AQI घटकर 174 तक पहुंच गया।
चार दिन से लगातार खराब है हवा
दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले चार दिनों से लगातार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है। रविवार को AQI 370 रहा, जो ‘गंभीर’ स्तर के बिल्कुल करीब था। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते वाहन धुएं, पराली जलाने और ठहरती हवाओं की वजह से राजधानी की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
कई इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक
दिल्ली के कई हिस्सों में AQI 300 से 400 के बीच दर्ज हुआ। आनंद विहार, जहांगीरपुरी, द्वारका और पटपड़गंज जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे खराब रही। यहां हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) सामान्य स्तर से कई गुना ज्यादा पाए गए।
NCR के शहर भी प्रदूषण की गिरफ्त में
दिल्ली से सटे शहरों की स्थिति भी बेहतर नहीं रही। फरीदाबाद में AQI 312, गाजियाबाद में 318, ग्रेटर नोएडा में 325, गुरुग्राम में 328 और नोएडा में 310 रिकॉर्ड किया गया। इन सभी जगहों की हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच झूलती रही।
लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और सुबह की सैर टालने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।