दिल्ली के आसमान में उस वक्त सांसें थम गईं जब 161 यात्रियों को लेकर उड़ रहा एक विमान अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। इंजन फेल होने की आशंका के बीच पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया। कुछ ही मिनटों में हालात बेहद गंभीर हो गए, लेकिन सूझबूझ और सटीक फैसलों ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
उड़ान के आखिरी मिनटों में आया खतरे का संकेत
विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही फ्लाइट जैसे ही राजधानी के हवाई क्षेत्र में पहुंची, तभी इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी के संकेत मिलने लगे। विशेषज्ञों के मुताबिक इंजन में कंपन और सिस्टम अलर्ट मिलना बड़े खतरे का संकेत होता है। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित कर प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग की अनुमति मांगी।
एयरपोर्ट पर घोषित हुई फुल इमरजेंसी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी। रनवे को हाई अलर्ट पर रखा गया और फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस व रेस्क्यू टीम को तैनात कर दिया गया। हर सेकंड महत्वपूर्ण था, क्योंकि जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी।
लैंडिंग बनी सबसे बड़ी परीक्षा
किसी भी उड़ान का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा लैंडिंग होता है, और जब इंजन में खराबी हो तो यह और खतरनाक हो जाता है। विमान की गति कम होने पर संतुलन बनाए रखना मुश्किल होता है। अगर इस दौरान नियंत्रण बिगड़ता, तो विमान रनवे से फिसल सकता था या दुर्घटनाग्रस्त हो सकता था।
आग लगने का भी था बड़ा खतरा
इंजन खराबी के मामलों में ईंधन रिसाव या घर्षण की संभावना भी रहती है। लैंडिंग के दौरान टायर और रनवे के बीच घर्षण से चिंगारी निकल सकती थी, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता। इसी आशंका को देखते हुए दमकल की गाड़ियां पहले से तैनात थीं और पूरी तैयारी के साथ इंतजार कर रही थीं।
पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
आखिरकार पायलट और एयर ट्रैफिक टीम के बेहतरीन तालमेल से विमान सुरक्षित उतर गया। लैंडिंग के बाद तुरंत यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आपात स्थिति में सही निर्णय और प्रशिक्षण कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं।