राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता उस वक्त और बढ़ गई जब दिल्ली विधानसभा को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें आत्मघाती हमले और बम ब्लास्ट की बात कही गई है। हाल ही में विधानसभा में कार घुसने की घटना के बाद इस नई धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इसे केवल धमकी नहीं बल्कि संभावित साजिश के तौर पर देख रही है।
संदिग्ध ईमेल ने बढ़ाई टेंशन
गुरुवार सुबह करीब 8:14 बजे विधानसभा को भेजे गए ईमेल ने हड़कंप मचा दिया। “Bomb Blast Delhi Secretariat” जैसे शब्दों के साथ लिखे गए इस मेल की भाषा बेहद आक्रामक और डर पैदा करने वाली थी। इसमें ‘सुसाइड बम’ और खालिस्तान जैसे संदर्भों का जिक्र होने से मामला और गंभीर हो गया है। जांच एजेंसियां इस मेल के हर शब्द और पैटर्न को खंगाल रही हैं।
कई जगहों को बनाया गया निशाना
इस धमकी भरे ईमेल में सिर्फ विधानसभा ही नहीं, बल्कि स्कूल, मुख्यमंत्री और मेट्रो जैसे संवेदनशील स्थानों का भी उल्लेख किया गया है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि धमकी देने वाला व्यक्ति या समूह डर का माहौल बनाना चाहता है या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। एजेंसियां अब मल्टी-लोकेशन खतरे को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं।
कार कांड से जुड़ रही कड़ियां
कुछ दिन पहले ही एक शख्स ने तेज रफ्तार कार से विधानसभा के गेट नंबर-2 को तोड़ते हुए अंदर घुसकर सुरक्षा में सेंध लगा दी थी। उसने स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की कार के पास फूलों का गुलदस्ता रखा और फरार हो गया। यह घटना अब नई धमकी के साथ जोड़कर देखी जा रही है, जिससे एक सुनियोजित प्लान की आशंका बन रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी, लेकिन सवाल बरकरार
कार घुसाने वाले आरोपी सरबजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। कोर्ट ने उसे आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ईमेल धमकी और कार कांड के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।
हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
पूरे विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बम निरोधक दस्ते और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। पुलिस इस मामले को महज मजाक नहीं मान रही, बल्कि एक संभावित आतंकी या संगठित साजिश के रूप में जांच कर रही है।