दिल्ली में गर्मी आते ही बीयर की मांग तेजी से बढ़ जाती है, लेकिन इसी समय बड़े ब्रांड की बीयर दुकानों से गायब होने लगती है। ग्राहक अपनी पसंद का ब्रांड मांगते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें 'आउट ऑफ स्टॉक' का जवाब मिलता है। ऐसे में दुकानदार दूसरे या कम लोकप्रिय ब्रांड खरीदने की सलाह देते हैं। सवाल यह है कि आखिर राजधानी में हर साल ऐसी स्थिति क्यों बनती है?
कम मुनाफे की वजह से घट जाती है सप्लाई
दिल्ली में बीयर की कीमत और बिक्री पर सरकारी नियम लागू होते हैं। कंपनियों का कहना है कि तय कीमत पर उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं मिलता। यही वजह है कि कई निर्माता पहले उन राज्यों में सप्लाई भेजते हैं, जहां बेहतर कमाई होती है। इसके अलावा कुछ आयातित ब्रांड पर टैक्स व्यवस्था अलग होने से दुकानदार भी ज्यादा मुनाफे वाले विकल्प रखने को प्राथमिकता देते हैं।
पड़ोसी राज्यों की मांग पहले पूरी होती है
दिल्ली में बीयर का उत्पादन बहुत कम होता है। यहां ज्यादातर सप्लाई हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों से आती है। गर्मियों में इन राज्यों में भी मांग बढ़ जाती है, इसलिए कंपनियां पहले स्थानीय बाजार की जरूरत पूरी करती हैं। इसके बाद बचा हुआ स्टॉक दिल्ली भेजा जाता है। इसी कारण बड़े ब्रांड की बीयर समय पर नहीं पहुंच पाती।
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ठेकों पर सुविधाओं की भी कमी
बीयर की उपलब्धता पर सरकारी दुकानों की व्यवस्था भी असर डालती है। कई ठेकों पर पर्याप्त बड़े रेफ्रिजरेटर नहीं हैं या ठंडा रखने की सुविधा सीमित है। गर्मी में ग्राहक ठंडी बीयर ही चाहते हैं, लेकिन सही स्टोरेज न होने से दुकानदार कई बार स्टॉक होने के बावजूद बिक्री करने से बचते हैं। इससे भी लोगों को पसंदीदा ब्रांड नहीं मिल पाते।
आबकारी नीति में बदलाव का असर
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली की आबकारी नीति में कई बदलाव हुए हैं। नियमों में लगातार बदलाव के कारण बड़ी कंपनियां ज्यादा स्टॉक रखने से बचती हैं। कंपनियों का मानना है कि स्थिर और स्पष्ट नीति होने पर ही वे बाजार में बड़ी मात्रा में सप्लाई कर पाएंगी। हालांकि सरकार ब्रांड की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
क्या आगे खत्म होगी यह समस्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सप्लाई चेन मजबूत हो, सरकारी नीतियां स्थिर रहें और ठेकों पर बेहतर स्टोरेज की व्यवस्था हो, तो बड़े ब्रांड की बीयर की किल्लत काफी हद तक कम हो सकती है। फिलहाल गर्मियों के दौरान दिल्ली में मांग और सप्लाई के बीच यही असंतुलन बीयर प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है।