दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके को केंद्र सरकार ने आतंकी घटना करार देते ही मामले में जांच की रफ्तार और तेज हो गई है। घटना के लगभग 24 घंटे बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सख्त बयान देते हुए कहा कि इस हमले के दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जिससे दुनिया को साफ संदेश जाएगा कि भारत में कोई दोबारा ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश की सुरक्षा एजेंसियां हमले की हर परत को खंगालने में जुटी हैं।
मेवात से जुड़ सकता है ब्लास्ट का कनेक्शन
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, धमाके को लेकर नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस ब्लास्ट का कनेक्शन हरियाणा के मेवात क्षेत्र से जुड़ सकता है। बुधवार शाम करीब 6 बजे दिल्ली पुलिस की टीम नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के बसई मेव गांव पहुंची, जहां कई संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस इलाके में अवैध माइनिंग का बड़ा जाल है जिसमें अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है। बसई मेव और नागल गांवों में चोरी-छिपे माइनिंग के दौरान इसी रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया जाता है, जिसे विस्फोटक तैयार करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में जांच एजेंसियां शक के आधार पर इस एंगल को गहराई से खंगाल रही हैं।
अमोनियम नाइट्रेट की आसान उपलब्धता चिंता का विषय
अमोनियम नाइट्रेट एक ऐसा रसायन है जो खतरनाक विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होता है। प्रदेश के कुछ इलाकों में इसकी आसान उपलब्धता सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन रही है। चूंकि अवैध माइनिंग में इसे बड़ी मात्रा में उपयोग किया जाता है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल किया गया अमोनियम नाइट्रेट इसी क्षेत्र से प्राप्त किया गया हो सकता है। जांच अधिकारी इस स्रोत की ट्रेसिंग पर विशेष जोर दे रहे हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला का पूरा नेटवर्क उजागर हो सके।
कांग्रेस ने उठाए केंद्र पर सवाल, PAK पर टिप्पणी
इस मामले में राजनीतिक घमासान भी बढ़ गया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि दिल्ली ब्लास्ट के 50 घंटे बाद जाकर इसे आतंकी हमला माना गया, लेकिन सरकार ने पाकिस्तान का नाम लेने से परहेज किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत में पाकिस्तान के बिना कोई आतंकी हमला संभव है, श्रीनेत ने साल 2019 के पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए केंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार ने उस समय दावा किया था कि किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। बावजूद इसके, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध कनेक्शन की चर्चा के बाद भी सरकार की प्रतिक्रिया उसके उलट दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह अपनी बयानबाजी के जाल में खुद फंस गए हैं। जांच के बढ़ते दायरे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब देश की नजरें इस मामले की आधिकारिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिक गई हैं।