Delhi Blast Case: दिल्ली धमाके से जुड़े मामले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलवामा में आतंकी उमर मोहम्मद के घर को ध्वस्त कर दिया। उमर मोहम्मद उर्फ उमर उल नबी वही आरोपी है जिस पर लाल किले के पास कार ब्लास्ट करने का आरोप है। पुलवामा में स्थित उसके घर पर कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा थी, जहां पुलिस उसकी फैमिली से लगातार पूछताछ भी कर रही थी।
ऐसे हुई आतंकी की पहचान
दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार को चलाने वाले आतंकी की पहचान डीएनए मैच के जरिए हुई थी। कार के स्टीयरिंग के पास से उसके पैर का एक हिस्सा बरामद हुआ था, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उस सैंपल का डीएनए उसकी मां से मैच हुआ और पुष्टि हो गई कि धमाका उमर ने ही किया था। इसके अलावा उमर के कई वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें फरीदाबाद बॉर्डर पार करते और एक मस्जिद जाते हुए उसका फुटेज शामिल है।
फरीदाबाद से दो डॉक्टर गिरफ्तार
धमाके से ठीक पहले हरियाणा के फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर शाहीन को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके विभिन्न ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया था। जांच में तीसरे आरोपी डॉक्टर उमर की तलाश जारी थी, लेकिन पुलिस उसे पकड़ पाती उससे पहले ही उसने दिल्ली पहुंचकर ब्लास्ट को अंजाम दे दिया। मामले में अब तक दस से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
लाखों में खरीदा गया विस्फोटक सामान
सूत्रों के अनुसार डॉक्टर मुजम्मिल, डॉक्टर अदील और शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये जुटाए थे, जिन्हें उमर को दे दिया गया था। पैसों को लेकर उमर और मुजम्मिल के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद इन लोगों ने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के क्षेत्रों से करीब तीन लाख रुपये का NPK उर्वरक खरीदा, जिसका उपयोग IED बनाने में किया गया। सूत्र यह भी बताते हैं कि समूह के 2–4 सदस्यों के लिए उमर ने एक सिग्नल ऐप ग्रुप भी तैयार किया था।