दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि आतंकी डॉक्टर और संदिग्ध कार सवार हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद ने नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट इसलिए बनाया था, ताकि अगर राजधानी में प्रवेश करते समय कहीं पुलिस चेकिंग में कागजात चेक करे जाएं तो वो पकड़ा न जाए. दिल्ली में जिस i20 कार में बम धमाका हुआ, उस कार का पीयूसी सर्टिफिकेट 29 अक्टूबर को फरीदाबाद के सेक्टर 37 से बनवाया गया था. जिसका सीसीसीटी फुटेज भी सामने आ गया है. इस फुटेज में संदिग्ध हमलावर उमर मोहम्मद प्रदूषण जांच का प्रमाणपत्र बनवा रहा था.
दिल्ली कार ब्लास्ट का CCTV फुटेज आया सामने
इसके साथ ही जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी उमर मोहम्मद की कार में धमाके का CCTV फुटेज भी सामने आ गया है. लाल किला चांदनी चौक के CCTV कंट्रोल रूम में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कारें ट्रैफिक के बीच धीरे धीरे आगे बढ़ रही थीं, तभी एकदम से कार में धमाका हो जाता है. इस धमाके से उठी आग की लपटों और धुएं के गुबार के साथ ही सीसीटीवी ब्लैक हो जाता है. वहीं लाल किला चौक के सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि जिस CCTV कैमरे में धमाका कैद हुआ, उसका क्या हाल हो गया है. इस CCTV फुटेज में टाइम ब्लास्ट का वक्त 6.50 बजे दिखाई दे रहा है.
जनवरी में दोनों डॉक्टरों ने की रेकी
वहीं दिल्ली कार ब्लास्ट केस में गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल से पूछताछ के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई है. मिला जानकारी के अनुसार पूछताछ में पता चला है कि डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर उमर मोहम्मद ने लालकिले की रेकी की थी. दोनों डॉक्टरों ने जनवरी में लालकिले की रेकी की थी. साथ ही डॉक्टर मुजम्मिल के मोबाइल डेटा से भी अहम जानकारी हाथ लगी है. जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर लालकिले पर निशाना था और ये इनकी साजिश का अहम हिस्सा था.