दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में बड़ा मोड़ सामने आया है। ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। अब गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन सईद को लेकर एजेंसियों को शक है कि वह धमाके की साजिश के बाद विदेश भागने की फिराक में थी। पुलिस वेरिफिकेशन के लिए ली गई उसकी पासपोर्ट फोटो सामने आने के बाद जांच और तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो शाहीन की गतिविधियां कई अहम सुराग इशारा कर रही हैं।
शाहीन के पासपोर्ट से क्यों बढ़ा शक?
जांच टीम के अनुसार, शाहीन ने धमाके से ठीक पहले अपना पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। पुलिस वेरिफिकेशन भी पूरा हो चुका था। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या यह पासपोर्ट उसी साजिश का हिस्सा था और क्या वह वारदात के बाद देश छोड़ने की तैयारी में थी।
शाहीन की पासपोर्ट फोटो भी सामने आई है, जिसने जांच को नया दिशा दे दिया है।
‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ की चौंकाने वाली परतें
जैसे-जैसे जांच दल आगे बढ़ रहा है, ‘व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क’ की नई कड़ियां जुड़ रही हैं। शाहीन और उसके सहयोगी मुजम्मिल की गिरफ्तारी ने इस मॉड्यूल की गहराई पर कई सवाल खड़े किए हैं।
शाहीन मेडिकल और शिक्षा जगत से जुड़ी होने के बावजूद, आतंकी संगठनों के लिए देश के भीतर नेटवर्क खड़ा करने के आरोपों का सामना कर रही है।
जैश की महिला विंग से जुड़ाव की पुष्टि?
सूत्रों से पता चला है कि शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा ‘जमात उल मोमिनात’ को सक्रिय करने में भूमिका निभा रही थी।
जांच में खुलासा हुआ है कि शाहीन का संपर्क मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर और उसके भतीजे उमर फारूक की पत्नी अफीरा बीबी से था।
आरोप है कि इन्हीं के निर्देश पर शाहीन भारत में महिला मॉड्यूल तैयार कर रही थी। पुलवामा हमले के बाद मारे गए उमर फारूक का नाम भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।
आगे की जांच किन बिंदुओं पर केंद्रित?
पासपोर्ट बनवाने की असली वजह
धमाके से पहले और बाद में शाहीन की लोकेशन
विदेशी हैंडलरों से डिजिटल संपर्क
भारत में महिला भर्ती मॉड्यूल की गतिविधियां
एजेंसियां सभी डिजिटल रिकॉर्ड, यात्रा योजनाओं और फंडिंग ट्रेल्स की जांच में जुटी हैं।