दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। फरीदाबाद पुलिस ने उस लाल इकोस्पोर्ट कार को बरामद कर लिया है, जिसकी तलाश दिल्ली और हरियाणा की एजेंसियां कर रही थीं। यह वही कार है जिसका शक था कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई i20 कार के साथ-साथ वह भी दिल्ली में दाखिल हुई थी। पुलिस के मुताबिक, यह लाल रंग की DL10CK0458 इकोस्पोर्ट फरीदाबाद के खंदावली गांव स्थित एक फार्महाउस से मिली है। बताया जा रहा है कि यह फार्महाउस ब्लास्ट के मुख्य आरोपी डॉ. उमर के दोस्त का है, और जांच में पता चला है कि कार भी फर्जी पते से उमर के नाम पर खरीदी गई थी।
2 लाख में हुई डील, कैश में हुआ भुगतान
जांच में सामने आया है कि दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई i20 कार की खरीदारी का पूरा सौदा बेहद रहस्यमय तरीके से हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, पुलवामा निवासी आमिर राशिद नाम के व्यक्ति ने यह कार OLX के ज़रिए “रॉयल कार जोन” नामक डीलर से खरीदी थी। कार की कीमत महज 2 लाख रुपये नकद तय की गई थी, जिससे अब एजेंसियों को हवाला ट्रांजैक्शन का शक है। यह सौदा 29 अक्टूबर को हुआ था और कार लेने दो लोग आए थे आमिर राशिद और एक अज्ञात शख्स, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जांच एजेंसियां अब इस डील में शामिल हर व्यक्ति की कड़ी जोड़ रही हैं।
फर्जी ओनरशिप की चेन आई सामने
कार की ओनरशिप की जांच में अब पूरा नेटवर्क खुलकर सामने आ गया है। शुरुआत में यह कार सलमान नामक व्यक्ति की थी, जिसने इसे Spinny नाम की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को बेचा। इसके बाद कार जेके मोटर्स के देवेंद्र तक पहुंची और वहीं से “रॉयल कार जोन” के जरिए पुलवामा के आमिर राशिद को बेची गई। हैरानी की बात यह है कि यही देवेंद्र नाम अब उस लाल इकोस्पोर्ट कार की रजिस्ट्री में भी सामने आया है। एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या यह वही व्यक्ति है या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा, जो फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए कारों की खरीद-फरोख्त कर रहा था।
फरीदाबाद में बरामद हुई संदिग्ध इकोस्पोर्ट
हरियाणा पुलिस के मुताबिक, लाल इकोस्पोर्ट फरीदाबाद के फार्महाउस में खड़ी मिली। कार पर लगा फास्ट टैग उमर के नाम पर रजिस्टर्ड था। जांच में शक जताया गया है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल या तो ब्लास्ट के बाद फरार होने के लिए हुआ या फिर निगरानी के लिए। दिल्ली पुलिस और एनआईए ने इस कार की बरामदगी के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है। देशभर के बॉर्डर्स, टोल नाकों और एयरपोर्ट्स पर जांच बढ़ा दी गई है।
देशभर में सर्च ऑपरेशन तेज, एजेंसियों ने मांगे डिजिटल रिकॉर्ड
फिलहाल दिल्ली पुलिस की पांच टीमें इस केस की हर कड़ी को जोड़ने में लगी हैं। एजेंसियों ने OLX, Spinny और Royal Car Zone से सभी डिजिटल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डिटेल्स मांगे हैं। शक है कि कैश डील की आड़ में इस नेटवर्क ने बड़ी साजिश रची थी। ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई i20 और अब बरामद लाल इकोस्पोर्ट दोनों के कनेक्शन ने जांच को और जटिल बना दिया है। अब एजेंसियों की नजर इस पर है कि क्या इस फार्महाउस से कोई और सुराग निकलता है जो इस ब्लास्ट की असली कहानी को उजागर कर सके। फिलहाल दिल्ली, यूपी और हरियाणा तीनों राज्यों में अलर्ट जारी है और पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियां एक-एक कदम फूंक-फूंककर उठा रही हैं।