नई दिल्ली। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण विस्फोट मामले में दिल्ली पुलिस ने UAPA, एक्सप्लोसिव्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया ने कहा है कि मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है और विशेषीकृत टीमें सबूत जुटाने में लगी हुई हैं।
राजा बांठिया ने बताया कि, इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच का काम शुरू हो चुका है। दिल्ली पुलिस, एफएसएल और एनएसजी की कई टीमें मौके पर मौजूद हैं। वे हर संभव सबूत इकट्ठा कर रही हैं, जिससे जांच में मदद मिलेगी। फिलहाल जांच अपने बहुत शुरुआती चरण में है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
डीसीपी ने बताया कि धमाके में मारे गए लोगों के शवों का पोस्टमार्टम लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में किया जा रहा है। “अब तक पांच शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है। छह शवों की पहचान कर ली गई है, जबकि एक या दो शव अब भी अनआइडेंटिफाइड हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से फोरेंसिक टीम विस्फोटक के नमूने और धातु के टुकड़े उठा रही है, ताकि धमाके की प्रकृति का पता लगाया जा सके। एनएसजी की बम डिस्पोजल यूनिट ने भी आसपास की जगह को पूरी तरह स्कैन कर लिया है।
लाल किला ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी हेरिटेज साइट्स, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। फील्ड इंटेलिजेंस यूनिट्स और स्थानीय थाने मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।