दिल्ली के जिस केस ने पूरे देश को हिला दिया, उसका सीधा संबंध कानपुर से निकलने के बाद GSVM मेडिकल कॉलेज में सनसनी फैल गई है। फरीदाबाद से गिरफ्तार की गई डॉक्टर शाहीन शाहिद की कानपुर से जुड़ी कहानी अब जांच के केंद्र में है। जानकारी के मुताबिक शाहीन का चयन वर्ष 2006 में लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था और उन्हें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता पद पर नियुक्त किया गया था। 2009 में छह महीने के लिए उनका तबादला कन्नौज मेडिकल कॉलेज कर दिया गया, लेकिन 2010 में वह दोबारा कानपुर लौट आईं। कॉलेज स्टाफ के अनुसार वह शांत स्वभाव और सीमित दायरे में रहने वाली महिला थीं, लेकिन 2013 में वह अचानक कॉलेज से गायब हो गईं और कभी वापस नहीं लौटीं।
यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग में कार्यरत !
शाहीन के गायब होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने उनकी तलाश और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। 2013 से 2021 के बीच लगातार नोटिस भेजे गए, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला। रिकॉर्ड में उनका आधिकारिक पता लखनऊ दर्ज था और अंतिम पत्राचार में उन्होंने “केयर ऑफ डॉक्टर परवेज सईद” लिखा था, जो उस समय इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग में कार्यरत थे। कॉलेज के पुराने कर्मचारियों के अनुसार शाहीन अपने निजी जीवन को लेकर बेहद चुप रहती थीं। बताया गया कि 2015 में उनका अपने पति जफर हयात से तलाक हो गया था, जिसके बाद वह कानपुर और लखनऊ दोनों जगहों से गायब हो गईं। अब जब दिल्ली केस में उनका नाम सामने आया है, तो कॉलेज स्टाफ यह जानकर दंग है कि वही महिला अब इतनी बड़ी जांच का हिस्सा बन चुकी है।
महिला विंग के भारत संचालन में सक्रिय
फरीदाबाद से गिरफ्तारी के बाद शाहीन के बारे में सामने आई जानकारी ने सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है। उन पर आरोप है कि वह एक विशेष महिला विंग के भारत संचालन में सक्रिय थी और कथित तौर पर महिलाओं को जोड़ने का काम करती थीं। उनकी कार से संदिग्ध सामान मिलने के बाद जांच और गंभीर हो गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम कानपुर पहुंची और कॉलेज से उनकी सेवा फाइल, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और पुराने पत्राचार की प्रतियां हासिल कीं। टीम ने स्टाफ से भी पूछताछ की, ताकि उनके व्यवहार, संपर्क और गतिविधियों से जुड़ी संभावित जानकारी इकट्ठी की जा सके।
कॉलेज कर्मचारी भी रह गए हैरान
अब जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि 2006 से 2013 के बीच कानपुर में रहते हुए क्या शाहीन किसी बाहरी नेटवर्क से जुड़ी थीं, या यह सब उनके गायब होने के बाद शुरू हुआ। कॉलेज कर्मचारियों के अनुसार, यह मानना मुश्किल है कि जिस महिला ने कभी क्लास में लेक्चर दिए, वही आज एक बड़े राष्ट्रीय स्तर की जांच के केंद्र में है। कानपुर के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण खबर है, क्योंकि पहली बार इस केस का सीधा लिंक शहर से जुड़ा है। अब आगे जांच किस दिशा में जाती है, यह आने वाले समय में साफ हो जाएगा।