दिल्ली केस में रोज नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं और अब जो जानकारी मिली है, उसने पूरे देश को हिला दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस साजिश की जड़ें सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसका सीधा संबंध अयोध्या के राम मंदिर और वाराणसी के धार्मिक इलाकों से था। पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन सईद इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी थी, जिसने अयोध्या के स्लीपर सेल को खुद सक्रिय किया था। एजेंसियों का दावा है कि अगर वक्त रहते कार्रवाई न होती, तो अयोध्या में एक बड़ा हादसा हो सकता था। शाहीन फिलहाल हिरासत में है और पूछताछ के दौरान कई परतें खुल चुकी हैं, जिनसे देशभर की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं।
कई राज्यों में शाहीन का नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन का नेटवर्क कई राज्यों में फरीदाबाद, लखनऊ और कानपुर तक फैला था बताया जा रहा है कि उसने मेडिकल रिसर्च के बहाने कई युवाओं को अपने संपर्क में लिया और उन्हें अयोध्या और वाराणसी के आसपास सक्रिय किया। जांच में सामने आया है कि शाहीन विस्फोटक सामग्री के ट्रांसपोर्ट में भी शामिल थी। शुरुआती जांच बताती है कि दिल्ली के लाल किले के पास हुआ ब्लास्ट असली मकसद नहीं बल्कि एक जल्दबाजी का नतीजा था, क्योंकि उसमें किसी टाइमर या रिमोट ट्रिगर का इस्तेमाल नहीं हुआ। एजेंसियों को शक है कि ये गिरोह असल में अयोध्या और वाराणसी के धार्मिक स्थलों पर हमले की साजिश रच रहा था।
300 किलो अमोनियम नाइट्रेट गायब ?
पूछताछ में पता चला है कि इस मॉड्यूल के निशाने पर अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें भी थीं ताकि अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। एजेंसियों ने अब तक 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया है, लेकिन अब भी 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट गायब है। ये विस्फोटक बांग्लादेश से नेपाल होते हुए भारत पहुंचाया गया था। कुल मिलाकर 3200 किलो की खेप लाई गई थी, जिसमें से अभी भी कुछ हिस्सा छिपा हुआ है। NIA और ATS की टीमें अब देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर उस बचे हुए विस्फोटक की तलाश में जुटी हैं।
निजी जीवन के कई पहलू भी आए सामने
जांच में शाहीन सईद के निजी जीवन के कई पहलू भी सामने आए हैं। वह पहले एक मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं, लेकिन 2013 में अचानक नौकरी छोड़ दी थी। उनके पूर्व पति डॉ. हयात जफर ने बताया कि तलाक के बाद शाहीन विदेश चली गई थी और फिर कभी संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि “शाहीन गंभीर स्वभाव की थी, पर कभी नहीं लगा कि वो इस रास्ते पर जा सकती है।” तलाक के बाद उसने धीरे-धीरे परिवार से सारे रिश्ते तोड़ लिए और कुछ अज्ञात लोगों के संपर्क में आने लगी।
अयोध्या, वाराणसी और लखनऊ में सुरक्षा कड़ी
फिलहाल अयोध्या, वाराणसी और लखनऊ में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। राम मंदिर परिसर के चारों ओर ATS और पुलिस ने सख्त निगरानी बढ़ा दी है और हर डिजिटल गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केस अब सिर्फ दिल्ली का नहीं रहा, बल्कि यह उत्तर भारत के सबसे बड़े आतंकी मॉड्यूल की परतें खोल रहा है। “सफेद कोट” में छिपी शाहीन सईद की कहानी अब एक ऐसी साजिश बन चुकी है जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में इस केस के और भी बड़े राज़ सामने आ सकते हैं।