दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इससे जुड़े चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब पता चला है कि असली निशाना दिल्ली नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश था. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस साजिश में लखनऊ, अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे बड़े धार्मिक शहरों को टारगेट करने की योजना थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुजरात एटीएस से मिले इनपुट के बाद यूपी पुलिस पहले ही अलर्ट थी. बताया जा रहा है कि फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक मिलने के बाद इस गिरोह के कुछ सदस्य यूपी की ओर बढ़ रहे थे, जिनका उद्देश्य बड़े धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना था.
शामली और लखीमपुर से गिरफ्तारी
अधिकारियों के मुताबिक, ये नेटवर्क काफी पहले से सक्रिय था. लेकिन जब गुजरात एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो अलग-अलग मॉड्यूल को पकड़ लिया, तो इस नेटवर्क ने अपना प्लान बदल दिया. जांच में सामने आया है कि ये लोग ऐसे युवकों की तलाश में थे जिन्हें यूपी के शहरों का भौगोलिक ज्ञान हो और जो मोबाइल या जीपीएस का इस्तेमाल किए बिना लोकेशन तक पहुंच सकें. गुजरात एटीएस ने शामली के आजाद सुलेमान शेख और लखीमपुर के मोहम्मद सुहैल नामक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों का कहना है कि अगर ये ऑपरेशन समय रहते न होता, तो यूपी में एक बड़ा हादसा हो सकता था.
ब्लैक कमांडो टीम सुपरएक्टिव मोड में
अब स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है. गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद योगी ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी करने के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा है कि आने वाले 72 घंटे बेहद अहम हैं और हर जिले में सुपरएक्टिव फोर्स तैनात की जाए. एटीएस, एसटीएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को निगरानी का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. योगी ने साफ कहा है कि जिस तरह पिछले 48 घंटों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई, उसी तरह अगले 72 घंटे तक भी सर्च ऑपरेशन और निगरानी में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही सभी जिलों में ब्लैक कमांडो टीमों को सुपरएक्टिव मोड में रखा गया है.
कई जिलों में संदिग्धों से पूछताछ
फिलहाल यूपी एटीएस और एसटीएफ कई जिलों में संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं. फरीदाबाद से गिरफ्तार लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद से पूछताछ के लिए यूपी एटीएस की टीम जम्मू-कश्मीर रवाना हो चुकी है, जबकि उनके भाई डॉ. परवेज को लखनऊ से हिरासत में लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद और गुजरात से मिले इनपुट्स को जोड़ने पर एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है जो कई राज्यों में फैला हुआ है. यूपी पुलिस अब तब्लीगी जमात से जुड़े कुछ समूहों पर भी नजर रख रही है क्योंकि पिछले महीने जम्मू-कश्मीर से मिले अलर्ट में इसी तरह की चेतावनी दी गई थी. जांच आगे बढ़ रही है और जैसे-जैसे नई जानकारियां सामने आ रही हैं, सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं.