Delhi Bomb Blast Latest Update: दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में 12 लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में एजेंसियों ने खुलासा किया है कि यह धमाका किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। सूत्रों के मुताबिक, यह ‘पैनिक ब्लास्ट’ हो सकता है क्योंकि आतंक से जुड़ी डॉक्टरों की चौकड़ी पहले ही पुलिस के रडार पर थी। जांच में पता चला है कि साजिश के मास्टरमाइंड डॉ. उमर मोहम्मद की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही थी, और उसे अपने पकड़े जाने का डर था। इसी घबराहट में उसने अधूरा IED डिवाइस अपने साथ रखा हुआ था, जिससे हादसा हो गया। एजेंसियों का मानना है कि अगर समय रहते सतर्कता नहीं बरती जाती, तो यह धमाका कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था।
फरीदाबाद कनेक्शन और विस्फोटक के सुराग
फरीदाबाद में जारी छापेमारी के बाद डॉ. उमर घबरा गया था और उसने बम डिवाइस को कहीं और ले जाने की कोशिश की। जांच टीम को मौके से दो जिंदा कारतूस मिले हैं, साथ ही दो तरह के विस्फोटक के सैंपल भी बरामद हुए हैं। इनमें से एक अमोनियम नाइट्रेट जैसा है, जबकि दूसरा उससे कहीं ज्यादा घातक बताया जा रहा है। एफएसएल टीम इन दोनों विस्फोटकों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धमाके में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
शोपियां से इरफान अहमद गिरफ्तार
इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां के रहने वाले इरफान अहमद को गिरफ्तार किया है, जो श्रीनगर की एक मस्जिद में इमाम है। इरफान को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया। सीआईके और श्रीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में की गई इस गिरफ्तारी के दौरान इरफान के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। उस पर युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथ फैलाने का आरोप है। पुलिस ने इरफान की पत्नी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि इरफान और उमर के बीच आतंक नेटवर्क कितना गहरा था और इसमें किन अन्य लोगों की भूमिका थी।