दिल्ली सरकार ने इस साल का बजट पेश करते हुए साफ कर दिया कि फोकस सिर्फ विकास नहीं बल्कि हर वर्ग तक सुविधा पहुंचाने पर है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि इस बार कुल बजट 1,03,700 करोड़ का रखा गया है। बजट से पहले कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई और फिर सदन में पेश किया गया। इस बार के बजट को खास तौर पर हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि लोगों को सीधे फायदा मिल सके।
ग्रीन बजट से प्रदूषण पर फोकस
इस बार दिल्ली का बजट ग्रीन बजट के रूप में सामने आया है। इसमें सबसे ज्यादा जोर वायु प्रदूषण कम करने पर दिया गया है, जो दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। सरकार ने साफ किया कि आने वाले समय में पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी। इसी सोच के साथ बजट को तैयार किया गया है ताकि शहर में साफ हवा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
पर्यावरण और पर्यटन को मिला बड़ा फंड
सरकार ने पर्यावरण विभाग के बजट को बढ़ाकर 822 करोड़ कर दिया है, जो पहले 505 करोड़ था। यह बढ़ोतरी दिखाती है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। वहीं पर्यटन विभाग को भी बड़ा बढ़ावा दिया गया है और इसका बजट 121 करोड़ से बढ़ाकर 412 करोड़ कर दिया गया है। इससे दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नए मौके बनेंगे।
महिलाओं और छात्राओं के लिए खास योजना
बजट में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा पर भी खास ध्यान दिया गया है। सड़कों की सुरक्षा के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 2.5 करोड़ से सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिले और उनकी जरूरतों को पूरा किया जा सके।
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नई सुविधाएं और ढांचा विकास
सरकार ने दिल्ली में कई नई सुविधाएं शुरू करने की घोषणा की है। पूरे शहर में 1000 नए टॉयलेट ब्लॉक बनाए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अलावा एक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जो आपदा के समय काम आएगा। दिल्ली सदन बनाने की भी घोषणा की गई है, जिससे राजधानी को नई पहचान मिलेगी।
नई नीतियां और भविष्य की तैयारी
सरकार ने दिल्ली के लिए नई ड्रोन पॉलिसी लाने की भी बात कही है, जिससे तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। इसके साथ ही बजट में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। कुल मिलाकर यह बजट विकास, सुरक्षा और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।