DELHI PROTEST CJP ACTION---जंतर-मंतर मारपीट मामले को लेकर दिल्ली में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज की कथित स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद CJP नेता और समर्थक संसद मार्ग थाने पहुंच गए। निशु आजाद भी अपने पिता संजय कुमार के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और FIR में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग उठाई।
वायरल क्लिप के बाद फिर गरमाया मामला
पूरा विवाद जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। घटना में संजय कुमार के सिर पर चोट लगने की बात सामने आई थी। अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पॉडकास्ट क्लिप ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात कही है।
संसद मार्ग थाने पहुंचे CJP नेता
वायरल क्लिप सामने आने के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास और सह संयोजक आशुतोष रांका समर्थकों के साथ पटेल चौक से संसद मार्ग थाने के लिए रवाना हुए। उनके साथ पीड़ित परिवार की बेटी निशु आजाद भी थाने पहुंचीं। इस दौरान समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े नजर आए।
गिरफ्तारी और गंभीर धाराएं लगाने की मांग
थाने पहुंचने के बाद आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर की घटना में संजय कुमार के साथ गंभीर मारपीट हुई थी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मामले में हत्या के प्रयास समेत सभी जरूरी गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
रांका ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले में कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि CJP शुरुआत से ही संजय कुमार और उनके परिवार के साथ खड़ी रही है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस की लीगल टीम भी सक्रिय
मामले में अब कांग्रेस की कानूनी टीम भी सक्रिय हो गई है। निशु आजाद को कानूनी मदद देने की दिशा में पार्टी की टीम आगे आई है। यह सक्रियता कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी है। CJP की मांग है कि पुलिस वायरल क्लिप में सामने आए दावों की जांच करे और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।