नई दिल्ली में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सातवीं बैठक 20 नवंबर यानि आज होनी है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस अहम बैठक की मेजबानी करने वाले हैं।
मलेशिया को विशेष अतिथि के रूप में न्योता दिया
इस बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का जमावड़ा लगने वाला है। सेशेल्स भी इस बार पर्यवेक्षक देश के रूप में हिस्सा लेगा, वहीं मलेशिया को विशेष अतिथि के रूप में न्योता दिया गया है।
आखिरी बैठक जुलाई 2024 में ऑनलाइन हुई थी
इससे पहले छठी बैठक दिसंबर 2023 में मॉरीशस में की गई थी। अगस्त 2024 में श्रीलंका में सभी सदस्य देशों ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के औपचारिक संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी लगातार संपर्क में बने रहते हैं। आखिरी बैठक जुलाई 2024 में ऑनलाइन माध्यम से हुई थी।
आगे की दिशा तय करेंगे
कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत इस मकसद से हो रही थी कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के मामले पर सभी देश मिलकर काम करें। इस बार की बैठक में सदस्य देश बीते ढाई साल में किए गए कामों की समीक्षा करेंगे। आगे की दिशा को तय करेंगे। चर्चा का मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला करना है। ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर पूरी तरह से रोक लगाना है। साइबर सुरक्षा, बिजली-पानी-पोर्ट जैसे अहम ढांचे की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं मेो एक-दूसरे की तुरंत सहायता करनी होगी। इसके साथ ही 2026 को लेकर नई कार्ययोजना और रोडमैप को मंजूरी मिलेगी।
हिंद महासागर में शांति और सुरक्षा बनाए
भारत इस समूह में सबसे सक्रिय सदस्यों में से एक है। वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। हिंद महासागर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने को लेकर पड़ोसी और द्वीपीय देश एक मजबूत मंच पर साथ आ गए हैं। गुरुवार की बैठक से इस दिशा में एक और ठोस कदम की उम्मीद है।