डॉयचे बैंक की 'मैपिंग द वर्ल्ड प्राइसेज 2026' रिपोर्ट में दुनिया के 69 बड़े शहरों की कीमतों, सैलरी और जीवनशैली की तुलना की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में रहना, घर खरीदना और रोजमर्रा का खर्च कई बड़े वैश्विक शहरों की तुलना में काफी सस्ता है। हालांकि, कमाई के मामले में राजधानी काफी पीछे है।
रहन-सहन और डेट का खर्च भी कम
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया के सबसे किफायती शहरों में शामिल है। यहां एक सामान्य डेट का औसत खर्च करीब 103 डॉलर (लगभग ₹9,920) बताया गया है, जो कई बड़े शहरों से काफी कम है। वहीं जिनेवा जैसे महंगे शहर में इसी तरह की डेट पर करीब 475 डॉलर (लगभग ₹45,750) खर्च हो सकते हैं।
घर खरीदना भी अपेक्षाकृत सस्ता
दिल्ली में सिटी सेंटर की प्रॉपर्टी की औसत कीमत करीब ₹2.37 लाख प्रति वर्ग मीटर बताई गई है। इसी वजह से 69 शहरों की सूची में दिल्ली रियल एस्टेट की महंगाई के मामले में निचले स्थानों पर है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में प्रॉपर्टी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर आया, लेकिन वैश्विक शहरों की तुलना में यह अब भी अपेक्षाकृत किफायती है।
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सैलरी के मामले में पिछड़ी दिल्ली
रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स कटने के बाद दिल्ली में एक नौकरीपेशा व्यक्ति की औसत मासिक आय करीब 538 डॉलर (करीब ₹51,800) है। इस आधार पर दिल्ली 69 शहरों की सूची में 66वें स्थान पर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह आय न्यूयॉर्क जैसे शहर की औसत सैलरी का लगभग 10 प्रतिशत है।
रोजमर्रा का खर्च बजट में
कम सैलरी के बावजूद दिल्ली में रोजमर्रा का खर्च अपेक्षाकृत कम है। रिपोर्ट के अनुसार, एक कप कैपुचिनो कॉफी की कीमत करीब ₹231 है, जबकि शहर के प्रमुख इलाके में 3BHK फ्लैट का औसत मासिक किराया लगभग ₹65,970 बताया गया है। इससे राजधानी कई लोगों के लिए रहने के लिहाज से किफायती विकल्प बनी रहती है।
कम खर्च, लेकिन बड़ी चुनौती
रिपोर्ट यह संकेत देती है कि दिल्ली में रहने की लागत कम होने के बावजूद आय का स्तर अभी भी कई बड़े वैश्विक शहरों से काफी नीचे है। ऐसे में राजधानी के लिए सबसे बड़ी चुनौती रोजगार, बेहतर वेतन और लोगों की आय बढ़ाने की है, ताकि कम लागत के साथ बेहतर जीवन स्तर भी सुनिश्चित किया जा सके।