Delhi DDA Notice: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंदनगरी इलाके में डीडीए के नाम से लगाए गए फर्जी नोटिस ने झुग्गीवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया। लोगों ने ई-ब्लॉक और डी-ब्लॉक ऑटो मार्केट की दीवारों पर ये नोटिस देखे, तो वह घबरा गए। नोटिस में लिखा था कि डीडीए और नगर निगम आने वाली 12 और 15 दिसंबर को कार्रवाई करते हुए झुग्गियों और अनधिकृत संरचनाओं को हटाएगा, जिससे लोग अपने घरों को लेकर चिंतित हो उठे, उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय नेताओं और पार्षद से की। दिल्ली विकास प्राधिकरण उप निदेशक उद्यान कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है। इसमें लिखा गया है कि “वार्ड संख्या 244 के ई-60, ई-57 और ई-117 में सभी अनधिकृत वाणिज्यिक संरचनाएं व नई झुग्गियां दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र निधि (विशेष उपबंध) अधिनियम 2011 के अंतर्गत नहीं आती हैं, इसलिए इन्हें हटाया जाएगा। इतना ही नहीं, नोटिस में चेतावनी भी दी गई है कि अगर लोग स्वयं 12 दिसंबर तक अपने ढांचे नहीं हटाएंगे, तो कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान के वे खुद जिम्मेदार होंगे।
डीडीए की मीटिंग में उठाया गया मुद्दा, उपराज्यपाल को भी दी गई शिकायत
इस पूरे मामले में दिलशाद गार्डन वार्ड के पार्षद व डीडीए के सदस्य बी.एस. पंवार स्पष्ट किया कि यह नोटिस पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने इलाके में भ्रम और तनाव फैलाने की नीयत से ऐसे नोटिस लगाए हैं। पंवार ने कहा कि बुधवार को हुई डीडीए की बैठक में इस विषय को उन्होंने उठाया था, जहां अधिकारियों ने साफ किया कि डीडीए की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि डीडीए में किसी भी कार्रवाई से पहले सरकारी गजट जारी किया जाता है और फिर विधिवत नोटिस बांटे या चिपकाए जाते हैं, जबकि इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। यह रात के अंधेरे में लगाया गया है। पंवार ने कहा कि उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना तक इस मामले की जानकारी पहुंचाई गई है।
नोटिस फर्जी है, लोग नजरअंदाज करें : डीडीए सदस्य
पूर्वी दिल्ली से डीडीए सदस्य बीएस पंवार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और ऐसे नोटिसों को नजरअंदाज करें। उन्होंने बताया कि खेड़ा गांव और सुंदर नगरी जैसे इलाकों में भी ऐसे ही नोटिस लगाए जाने की जानकारी मिली है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन से इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
डीएम ने कहा जल्द होगी कार्रवाई
शाहदरा जिले के जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह परिहार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि फर्जी नोटिस लगाने वालों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जनता में अनावश्यक भय फैलाने की कोशिश भी है, जिस पर प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगा।