सोमवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक धूप का नामोनिशान नहीं था और विजिबिलिटी बेहद खराब बनी हुई थी। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को दफ्तर व स्कूल पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ी। घने कोहरे और जहरीली धुंध की वजह से पूरी राजधानी एक धूसर परत में लिपटी दिखी। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं की कमी और प्रदूषण के कारण हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
फ्लाइट्स पर कोहरे का असर
खराब विजिबिलिटी का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली और उतरने वाली कई फ्लाइट्स देरी से ऑपरेट हो रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में घने कोहरे के कारण फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइंस से लगातार अपडेट लेते रहें, एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचें और यात्रा की योजना अतिरिक्त समय को ध्यान में रखकर बनाएं।
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ट्रेनें घंटों लेट
कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिला। दिल्ली आने वाली और यहां से जाने वाली 100 से ज्यादा ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। कुछ ट्रेनें 10 घंटे से भी अधिक लेट बताई जा रही हैं, जबकि कई ट्रेनों को डायवर्टेड रूट से चलाया गया है। हैरानी की बात यह है कि देरी से चलने वाली ट्रेनों में वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और हमसफर जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं। यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोग अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके।
जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता
कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी हालात को गंभीर बना दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का औसत AQI 459 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। जहरीली धुंध के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेज हवाएं नहीं चलेंगी या मौसम में बदलाव नहीं होगा, तब तक राहत मिलना मुश्किल है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।