दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी हो चुकी है। प्रधानमंत्री 8 मार्च को राजधानी में दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली को देश की पहली पूरी तरह संचालित ‘रिंग मेट्रो’ सुविधा मिलेगी। इससे राजधानी के अलग-अलग इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और आसान यात्रा का लाभ मिलेगा।
दिल्ली को मिलेगी देश की पहली रिंग मेट्रो
नई परियोजनाओं के शुरू होने के बाद दिल्ली को देश की पहली ‘रिंग मेट्रो’ सुविधा मिलने जा रही है। मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर तक बनने वाला नया सेक्शन पिंक लाइन का हिस्सा होगा, जिससे यह लाइन पूरी तरह से रिंग की तरह जुड़ जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पिंक लाइन की कुल लंबाई करीब 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और राजधानी के कई इलाकों के बीच सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
दो नए मेट्रो कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर तक बनने वाला कॉरिडोर लगभग 12.3 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस रूट पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक लगभग 9.92 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर भी बनाया जाएगा, जो मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा। इस सेक्शन में 7 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों को बेहतर मेट्रो सुविधा मिलेगी।
इंजीनियरिंग के लिहाज से भी खास परियोजना
इन दोनों मेट्रो कॉरिडोर को इंजीनियरिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा करीब 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाएगा, जो दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक होगा। वहीं मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर में यमुना नदी पर नया पुल बनाया गया है और यहां डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया है, जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर दोनों को एक साथ शामिल किया गया है।
फेज-V में तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास
मेट्रो विस्तार के अगले चरण यानी फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी जाएगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर शामिल है, जो पूरी तरह भूमिगत होगा और इसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
एनसीआर के शहरों को भी मिलेगा फायदा
इन मेट्रो परियोजनाओं से दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के लोग वायलेट लाइन के जरिए तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन के माध्यम से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों तक आसानी से सफर कर सकेंगे।