दिल्ली सरकार ने पढ़ाई को डिजिटल बनाने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद 10वीं कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार हर शैक्षणिक सत्र में चुने गए विद्यार्थियों को मुफ्त लैपटॉप देगी ताकि वे ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से कर सकें।
कितने छात्रों को मिलेगा लैपटॉप और कितना है बजट
इस योजना के तहत हर साल 1200 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे। लैपटॉप आई7 कॉन्फिगरेशन वाले होंगे जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने करीब 7.5 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सरकार का कहना है कि यह निवेश छात्रों के भविष्य में निवेश है।
कौन छात्राएं और छात्र होंगे पात्र
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। छात्र या छात्रा दिल्ली का स्थायी निवासी होना चाहिए। 10वीं की परीक्षा सीबीएसई बोर्ड से पास की हो और मेरिट सूची में टॉप 1200 में नाम होना चाहिए। छात्र ने रेगुलर स्कूल से पढ़ाई की हो और 11वीं कक्षा में दाखिला लिया हो। इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले ही योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
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छात्राओं को कैसे मिलेगा फ्री लैपटॉप
इस योजना में छात्राओं के लिए कोई अलग नियम नहीं है। जो छात्राएं मेरिट सूची में टॉप 1200 में होंगी और सभी शर्तें पूरी करेंगी उन्हें भी मुफ्त लैपटॉप मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं की डिजिटल पढ़ाई मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी। इससे लड़कियों को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।
क्या करना होगा आवेदन और चयन कैसे होगा
इस योजना के लिए अलग से कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन नहीं करना होगा। सीबीएसई बोर्ड के 10वीं के परिणाम के आधार पर टॉप 1200 विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। चयनित छात्रों को एक विशेष कार्यक्रम के जरिए लैपटॉप दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर स्कूल के माध्यम से जरूरी कागजात मांगे जा सकते हैं।
कौन से दस्तावेज हो सकते हैं जरूरी
योजना का लाभ लेते समय छात्रों से दिल्ली का आधार कार्ड 10वीं की अंकपत्र 11वीं में दाखिले का प्रमाण पत्र और स्कूल पहचान पत्र मांगा जा सकता है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस योजना से छात्र ऑनलाइन पढ़ाई डिजिटल नोट्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर पाएंगे और शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।