Sanatan Swaraj Party registration case: दिल्ली हाई कोर्ट ने सनातन स्वराज पार्टी के पंजीकरण से जुड़े मामले में चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आयोग से दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। याचिका में पार्टी के नाम को मंजूरी देने और राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि समय पर फैसला न होने से आगामी चुनावों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
नाम की मंजूरी
यह मामला जस्टिस अमित बंसल की अदालत में सुना गया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि पार्टी का आवेदन लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि ‘सनातन स्वराज पार्टी’ नाम को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं, इसके बावजूद चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
पश्चिम बंगाल चुनाव
याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है। चुनाव प्रक्रिया के तहत अखबारों में पार्टी नाम का प्रकाशन जरूरी है, जिसमें कम से कम 45 दिन का समय लगता है। ऐसे में यदि जल्द अनुमति नहीं मिली तो चुनाव में हिस्सा लेना मुश्किल हो जाएगा।
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ECI से हलफनामा
कोर्ट ने यह नोट किया कि चुनाव आयोग ने नोटिस स्वीकार कर लिया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने ECI को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर एक संक्षिप्त हलफनामा दाखिल कर अपना रुख स्पष्ट करे। फिलहाल कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पुराना फैसला
इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक अन्य याचिका खारिज की थी, जिसमें राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय मान्यता देने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस विषय पर पहले ही शीर्ष अदालत फैसला दे चुकी है और चुनाव आयोग के अधिकारों पर सवाल उठाने का कोई ठोस आधार नहीं है।