सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर लोकप्रियता पाने का शौक किस तरह गंभीर अपराध की दुनिया तक ले जा सकता है, इसका बड़ा मामला सामने आया है। ग्वालियर और डबरा के दो युवकों को कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय गैंग के संपर्क में आकर भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मॉड्यूल का मकसद दिल्ली के एक होटल में हमला करना था, जिसे समय रहते रोक लिया गया।
सोशल मीडिया से शुरू हुई गिरफ्त में कहानी
जांच में सामने आया है कि ग्वालियर क्षेत्र के दो युवक सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो और रील बनाकर चर्चा में रहना चाहते थे। इसी दौरान उनकी गतिविधियां एक संगठित आपराधिक नेटवर्क की नजर में आ गईं। धीरे-धीरे ऑनलाइन संपर्क बढ़ा और उन्हें पैसों व विदेश में बसाने के लालच के जरिए प्रभावित किया गया। यही शुरुआती संपर्क बाद में एक गंभीर साजिश में बदल गया।
विदेशी नेटवर्क से जुड़ाव और ब्रेनवॉश का आरोप
जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान आधारित एक गैंगस्टर से जोड़ा जा रहा है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंक नेटवर्क से संबंध होने के आरोप हैं। युवकों को वीडियो और लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर प्रभावित किया गया। कथित तौर पर उन्हें “हाइब्रिड शूटर” बनाकर भारत में टारगेट हमलों के लिए तैयार करने की कोशिश की गई।
हथियार सप्लाई और फायरिंग की योजना
एजेंसियों के अनुसार, युवकों को पहले अहमदाबाद में हथियार और गोलियां उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद उन्हें पंजाब के मोहाली क्षेत्र में एक टारगेट पर फायरिंग का निर्देश दिया गया, जहां फिरौती की मांग से जुड़ी साजिश भी बताई जा रही है। हालांकि तकनीकी खराबी के कारण कथित फायरिंग सफल नहीं हो सकी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने अपनी गतिविधियों का वीडियो भी भेजा।
दिल्ली में बड़े हमले की योजना और कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया कि आगे चलकर दिल्ली के एक होटल को निशाना बनाने की योजना थी, जिसमें फायरिंग या ग्रेनेड जैसे हमले की आशंका थी। खुफिया इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को राजधानी से गिरफ्तार किया, जबकि दूसरा मध्य प्रदेश में दबोचा गया। समय रहते कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई।
जांच एजेंसियों की नजर में पूरा नेटवर्क
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती, ऑनलाइन ब्रेनवॉश और हथियार सप्लाई के अंतरराज्यीय रूट की जांच की जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल दो युवकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।