दिल्ली की सड़कों पर जो आज सुकून नजर आ रहा है, उसके पीछे एक बड़ी और खौफनाक कहानी छिपी है। दरअसल राजधानी में एक बड़ी वारदात की तैयारी चल रही थी, जिसकी भनक आम लोगों को नहीं थी। लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़े शूटर दिल्ली में इकट्ठा हो रहे थे। प्लान साफ था, एक सनसनीखेज अपराध और फिर दहशत फैलाने की कोशिश। लेकिन ऐन वक्त पर सिस्टम हरकत में आया और स्पेशल सेल ने पूरा खेल पलट दिया। मैडम सीएम की सख्ती और पुलिस की मुस्तैदी से दिल्ली एक बड़े खूनखराबे से बच गई।
स्पेशल सेल का हंटर, दो ऑपरेशन में कामयाबी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि खतरनाक शूटर राजधानी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। ACP धर्मेंद्र कुमार की निगरानी में टीम ने बिना देरी किए दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाए। एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि अगर कार्रवाई में थोड़ी भी देरी होती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। इसी ऑपरेशन में पांचों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली में संभावित खूनखराबा टाल दिया गया।
कौन हैं पकड़े गए 5 शूटर ?
गिरफ्तार आरोपियों में सबसे बड़ा नाम 28 वर्षीय पीयूष पिपलानी का है, जो पंचकूला हरियाणा का रहने वाला है। वह चंडीगढ़ में इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी और नेशनल कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की हत्या में शामिल रहा है। दूसरा आरोपी 23 वर्षीय अंकुश सोलंकी भी पंचकूला का है और उन्हीं वारदातों में शामिल रहा। तीसरा आरोपी कुवरबीर अमृतसर का रहने वाला है, जो पैरी मर्डर केस में वॉन्टेड था। चौथा लवप्रीत सिंह नारायणगढ़ पंजाब का है और पांचवां संतोख उर्फ कपिल खत्री तरनतारन का निवासी है।
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क्राइम कुंडली और साफ संदेश
इन शूटरों की क्राइम कुंडली भी बेहद खतरनाक है। पीयूष पिपलानी पर हत्या, एक्सटॉर्शन और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं। कुवरबीर पर हत्या, धमकी, लूट और ड्रग्स सप्लाई जैसे गंभीर मामले हैं। लवप्रीत और संतोख भी हत्या और हत्या की साजिश में वॉन्टेड रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी से लॉरेंस और हैरी बॉक्सर गैंग को बड़ा झटका लगा है। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि दिल्ली अब किसी गैंग की शरणस्थली नहीं बनेगी। राजधानी सुरक्षित है और जो भी कानून से खेलेगा, उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा।