Delhi Lok Adalat Challan Settlement : अगर आपकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान काफी समय से पेंडिंग है, तो यह खबर आपके काम की है। दिल्ली में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत लगने जा रही है। यहां नियमों के दायरे में आने वाले चालानों को निपटाने का मौका मिलेगा। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे पहले से अपनी तैयारी पूरी कर लें। चलिए जानते हैं एक गाड़ी के कितने चालान लिए जा सकते हैं और पूरी प्रक्रिया क्या है।
एक गाड़ी के कितने चालान होंगे सेटल
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों के अनुसार, निजी गाड़ी के लिए अधिकतम 5 नोटिस और 2 चालान प्रिंट करने की अनुमति है। वहीं, व्यावसायिक गाड़ी के लिए अधिकतम 1 नोटिस और 1 चालान की सीमा रखी गई है। ध्यान रखें कि यह चालान डाउनलोड करने और पेश करने की अधिकतम सीमा है, सभी चालानों के निपटारे की गारंटी नहीं। चालान का योग्य होना भी जरूरी है।
हर चालान पर नहीं मिलेगी राहत
लोक अदालत में केवल नियमों के तहत आने वाले चालान और नोटिस ही निपटाए जा सकेंगे। खासतौर पर ऐसे योग्य मामले लिए जाएंगे, जिनका निपटारा आपसी सहमति से किया जा सकता है। हर तरह के ट्रैफिक उल्लंघन को इसमें शामिल नहीं किया गया है। चालान की राशि पूरी तरह माफ होगी या कम होगी, यह भी पक्का नहीं है। अंतिम फैसला मामले और लागू नियमों के आधार पर होगा।
टोकन के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश
लोक अदालत में जाने के लिए पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल से चालान की पर्ची डाउनलोड करनी होगी। इसके लिए वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat/ पर जाएं। वहां गाड़ी नंबर या चालान की जानकारी भरें और दिए गए निर्देशों का पालन करें। उपलब्ध चालान चुनकर जरूरी सत्यापन पूरा करें। इसके बाद पर्ची डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। डाउनलोड की सुविधा निर्धारित सीमा के अधीन है और अब इसकी उपलब्धता पोर्टल पर जांचनी होगी।
इन सात जगहों पर होगी सुनवाई
लोक अदालत दिल्ली के तीस हजारी, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में लगेगी। सुनवाई सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। वाहन मालिक अपनी पर्ची पर दिए गए कोर्ट परिसर और समय पर ही पहुंचें।
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साथ लेकर जाएं ये जरूरी दस्तावेज
लोक अदालत में जाते समय डाउनलोड की गई चालान पर्ची, गाड़ी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र और चालान की जानकारी साथ रखें। जरूरत पड़ने पर अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। सुनवाई के बाद तय राशि जमा करें और रसीद जरूर लें। समय पर तैयारी करने से आपका काम आसान हो सकता है।