वार्षिक कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान दिल्ली से मेरठ और उत्तराखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) के उत्तर प्रदेश वाले पूरे हिस्से को पांच दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में इस रूट से यात्रा करने वाले लोगों को पहले से वैकल्पिक मार्गों की योजना बनानी होगी।
7 से 12 अगस्त तक एक्सप्रेसवे रहेगा पूरी तरह बंद
गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 7 अगस्त सुबह 8 बजे से 12 अगस्त यानी शिवरात्रि तक यूपी गेट (दिल्ली बॉर्डर) से मेरठ सीमा स्थित काशी टोल प्लाजा तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी छह लेन पर कार, बस, ट्रक और अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वहीं भारी वाहनों के लिए यह प्रतिबंध 29 जुलाई से ही लागू कर दिया जाएगा, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
एनएच-9 की लोकल लेन रहेंगी चालू
हालांकि एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड लेन बंद रहेंगी, लेकिन इसके समानांतर चलने वाली एनएच-9 की स्थानीय और सर्विस लेन खुली रहेंगी। इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग ने चेतावनी दी है कि इन मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ सकता है, जिससे लंबे जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
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इन वैकल्पिक मार्गों से बच सकते हैं जाम से
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं। लंबी दूरी के वाहन डासना के रास्ते ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्तराखंड की ओर जाने वाले यात्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उपलब्ध हिस्सों का उपयोग कर सकते हैं। वहीं हापुड़ और बुलंदशहर की ओर जाने वाले हल्के वाहन एनएच-9 की सर्विस लेन का सहारा ले सकते हैं। स्थानीय यातायात को मोहन नगर, लिंक रोड और हापुड़ रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
यात्रा से पहले करें पूरी तैयारी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे क्षेत्र में यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो तो डायवर्जन प्लान की जानकारी पहले से लेकर ही निकलें। संभव हो तो मेट्रो और रेलवे जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक उपयोग करें। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भारी ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।