दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जांच में यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध के रूप में सामने आया है। आरोपी, जो कभी उसी घर में काम करता था, ने घर की जानकारी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सट्टेबाजी, कर्ज और गंभीर अपराधों की परतें खुलती जा रही हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुबह के समय सोसाइटी में दाखिल हुआ और घर में घुसने के लिए पहले से छिपाकर रखी अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल किया। उसने उस समय को चुना जब पीड़िता के माता-पिता जिम गए हुए थे। करीब एक घंटे के भीतर उसने वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। लौटने पर माता-पिता ने बेटी को गंभीर हालत में पाया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घर की जानकारी बना हथियार
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले उस घर में काम कर चुका था और उसे हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की जानकारी थी। यही जानकारी उसके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। उसे पता था कि घर कब खाली रहता है और चाबी कहां रखी जाती है, जिससे उसने बिना किसी बाधा के अंदर प्रवेश किया।
सट्टेबाजी और कर्ज का दबाव
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का आदी था। लगातार हार और कर्ज के चलते वह आर्थिक संकट में फंस गया था। वह आसपास के लोगों से पैसे उधार लेकर बेटिंग ऐप्स पर दांव लगाता था। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने उसे उधार दिया था, ताकि पूरे नेटवर्क को समझा जा सके।
चोरी का सामान और छिपने की साजिश
वारदात के बाद आरोपी द्वारका के एक होटल में छिप गया था। पुलिस ने उसके पास से नकदी और जेवरात बरामद किए हैं, जो उसी घर से चोरी किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि उसने होटल का खर्च भी चोरी के पैसों से ही चुकाया।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अन्य गंभीर अपराधों में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है, जिसकी पुष्टि पुलिस कर रही है। मामले ने अब एक बड़े आपराधिक पैटर्न का संकेत दिया है। पुलिस का कहना है कि पर्याप्त सबूत जुटाए जा चुके हैं और अदालत में मजबूत केस पेश किया जाएगा।