Delhi NCR Air Defense : हमारा पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान भारत पर कई हमले की नाकाम कोशिश कर चुका है. इसने भारत पर मिसाइलें, ड्रोन और फाइटर जेट की मदद से हमला किया है. लेकिन वहीं भारत ने पाकिस्तान के ईंट का जवाब पत्थर से दिया है. भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने न केवल इसका करारा जबाव दिया बल्कि रोक भी लगाई है. आइए जानते हैं दिल्ली NCR आसमान की सुरक्षा के बारे में.
पहला चरण
पृथ्वी एयर डिफेंस और एडवांस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (Prithvi air defense and advanced air defense missile systems) है. इसकी खास बात यह है कि यह आसमान में आ रही 50 - 80 KM की दूरी से आ रही मिसाइलों और जेट को मिनटों में ध्वस्त कर सकती है. प्रद्युम्न मिसाइल सिस्टम (Pradyumna missile system) भी इसी रेंज है.
दूसरा लेयर - S-400
ऐसे में किसी कारण से पहला लेयर फेल हो जाता है तो प्लान - बी फिर मध्यम दूरी वाला एयर डिफेंस सिस्टम को काम में लाया जाता है. जिसमें S- 400 मिसाइल सिस्टम नाम शामिल है. इसका कार्य आकाश मिसाइल के साथ करना है. है. इसकी खासियत है कि यह एक बार में ही 300 टारगेट्स को खत्म कर सकता है.
तीसरा चरण
इस चरण को तीसरा चरण कहा गया है. इसमें बराक 8 LR-SAM 'एयर डिफेंस सिस्टम'(Air defense system) शामिल है. जिसको इजरायल और भारत ने मिलकर बनाया है. इसकी रेंज की बात करें तो वह 100 किलोमीटर का टारगेट आसानी से केच कर सकता है.
चौथा लेयर-आकाश
यह एक स्वदेसी ''एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम'' है. इसकी खासियत यह है कि यह शॉर्ट रेंज वाली सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम 'Surface to Air Missile System' है. यह 4.5 KM की ऊंचाई से लेकर 25KM तक की ऊंचाई की रेंज को केच कर सकता है.
पांचवां और आखिरी लेयर NASAMS-2
इस लेयर को NASAMS - 2 यानी नेशनल एडवांस सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम कहा जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह एक साथ 72 टारगेट को हिट करने में सक्षम है. इसको भारत ने अमेरिका से खरीदा है. इसे आप कह सकते हैं कि यह शहरों को बचाने के लिए आखिरी दीवार है.