Delhi NCR GRAP 1 Restrictions : दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों से पहले ही प्रदूषण बढ़ने लगा है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI सुबह 9 बजे 233 दर्ज किया गया, जबकि दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 पहुंच गया। दोनों ही स्तर खराब श्रेणी में आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
होटल और रेस्टोरेंट में तंदूर जलाने पर रोक
GRAP-1 लागू होने के बाद होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की जगहों पर ईंधन के रूप में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। इसका मकसद हवा में धुआं और प्रदूषण फैलाने वाले कणों को कम करना है। डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी सख्ती रहेगी और इन्हें केवल जरूरी या आपात स्थिति में चलाने की अनुमति होगी। इन नियमों का पालन कराने के लिए संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण कार्यों पर रहेगी खास नजर
निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल भी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। इसी को देखते हुए निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर नियमों का पालन कराना जरूरी होगा। जहां धूल रोकने के इंतजाम नहीं हैं, वहां मजदूरों से जुड़े कुछ निर्माण कार्यों पर रोक लग सकती है। सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के साथ कचरे को सही तरीके से हटाने पर जोर दिया जाएगा।
पुरानी गाड़ियों को लेकर भी रहें सावधान
GRAP-1 के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज की जाएगी। नियमों के अनुसार, 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर लागू प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है। वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की नियमित सर्विस कराने और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। लाल बत्ती पर गाड़ी का इंजन बंद रखने और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने से भी प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।
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आगे और बढ़ सकती हैं पाबंदियां
GRAP-1 प्रदूषण रोकने के लिए उठाया गया शुरुआती कदम है। अगर हवा की गुणवत्ता और खराब होती है, तो हालात के अनुसार अगले चरण की सख्ती लागू की जा सकती है। फिलहाल लोगों को खुले में कचरा जलाने से बचने, धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने और प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस की परेशानी वाले लोगों को खराब हवा में बाहर ज्यादा देर रहने से बचना चाहिए। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े और दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहतर बनी रहे।