Delhi NCR Vehicle Ban : दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को धीरे-धीरे हटाने का प्रस्ताव सामने आया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की विशेषज्ञ समिति ने 2040 तक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई सिफारिशें की हैं। इनमें पुरानी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के पंजीकरण पर रोक लगाने जैसे सुझाव शामिल हैं। हालांकि, ये अभी सिफारिशें हैं, अंतिम नियम नहीं।
2030 से 2040 तक का रोडमैप
विशेषज्ञ समिति ने अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग समयसीमा सुझाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक BS-IV गाड़ियों, 2035 तक BS-VI दोपहिया वाहनों और 2040 तक BS-VI कारों को हटाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, 2031 से नई पेट्रोल-डीजल चार पहिया गाड़ियों के पंजीकरण पर रोक लगाने की सिफारिश भी की गई है। इन प्रस्तावों को लागू करने से पहले संबंधित अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी।
सर्दियों में पुरानी गाड़ियों पर रोक
दिल्ली-NCR में नवंबर से जनवरी के बीच प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए समिति ने 1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-IV वाहनों पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के अधिक जोखिम वाले महीनों में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। लेकिन जब तक इस प्रस्ताव पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक इसे लागू नियम नहीं माना जा सकता।
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क्या अभी बंद हो जाएंगी पेट्रोल-डीजल गाड़ियां?
फिलहाल दिल्ली-NCR में सभी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को बंद करने का कोई अंतिम फैसला इन सिफारिशों से साबित नहीं होता। समिति की रिपोर्ट पर आगे विचार किया जाना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हल्के मालवाहक और तीन पहिया वाहनों से जुड़े कुछ उपायों पर आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अन्य वाहन श्रेणियों के लिए प्रस्तावों की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए वाहन मालिकों को केवल इस रिपोर्ट के आधार पर अपनी गाड़ी बेचने या बदलने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
RC से पता करें BS-IV या BS-VI
अपनी कार, बाइक या स्कूटी का उत्सर्जन मानक जानने के लिए वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) में दर्ज जानकारी देखें। उसमें BS-IV या BS-VI जैसी श्रेणी लिखी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर भी वाहन का विवरण जांचा जा सकता है। भविष्य में नियम लागू होने की स्थिति में वाहन की श्रेणी, पंजीकरण और अन्य दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर क्यों है जोर?
वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली-NCR के प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलने के दौरान धुआं नहीं छोड़तीं, इसलिए उन्हें प्रदूषण कम करने के उपायों में अहम माना जाता है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन, किफायती मॉडल और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। फिलहाल 2040 तक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में है, लेकिन वाहन मालिकों को किसी भी बदलाव के लिए अंतिम सरकारी आदेश का इंतजार करना चाहिए।