दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 420 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसी स्थिति को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP के तीसरे चरण को पूरे NCR में लागू कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 5 तक की क्लासों को हाइब्रिड मोड में करने का निर्देश दिया है। यानी अब बच्चे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पढ़ाई कर सकेंगे।
प्रार्थना सभाएं, खेलकूद पर रोक
स्कूलों ने प्रदूषण बढ़ने के संकेत मिलते ही सुबह की प्रार्थना सभाएं, खेलकूद जैसी बाहरी गतिविधियां पहले ही रोक दी थीं। अब हालात और खराब होने के बाद कक्षा 5 तक पढ़ाई का तरीका बदलने का फैसला लिया गया है। हालांकि NCR के अन्य हिस्सों जैसे गाज़ियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में स्कूलों से अभी विस्तृत अपडेट आना बाकी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि हवा की गुणवत्ता बिगड़ने पर बच्चों को बाहर कम निकालें और अभिभावक स्कूल से लगातार संपर्क में रहें।
GRAP-3 लागू होने पर विचार
CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) के नियमों के मुताबिक, GRAP-3 लागू होने पर राज्य सरकारें स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद करने पर विचार कर सकती हैं। हालांकि यह पूरी तरह अनिवार्य नहीं है। दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि कक्षा 5 तक के बच्चों को हाइब्रिड तरीके से पढ़ाना सुरक्षित विकल्प है। पिछले साल (2024) GRAP-3 नवंबर में लागू हुआ था, लेकिन इस बार प्रदूषण पहले ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते समय से पहले सख्ती बढ़ाई गई है।
तीसरा और बेहद महत्वपूर्ण चरण
GRAP-3 प्रदूषण नियंत्रण का तीसरा और बेहद महत्वपूर्ण चरण है। यह तब लागू किया जाता है जब AQI 401 से 450 की ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाए। इस चरण में पुरानी पेट्रोल–डीजल गाड़ियों पर सख्त रोक, निर्माण गतिविधियों पर सीमित नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी जाती है। स्थिति और न बिगड़े, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में और गिरावट आ सकती है, इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।