इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों का लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने हाल बेहाल कर रखा है. मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लेवल 450 के पार पहुंच गय है, जो कि बेहद ही खतरनाक स्तर है. आपको बता दें कि 450 एक्यूआई लेवल अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है. लगातार बढ़ते प्रदूषण ने अब लोगों की सांसों में जहर घोलना शुरू कर दिया है. सीने, आंखों और गले में लोगों की जलन होने की समस्याएं सामने आ रही हैं. जानकारों के मुताबिक प्रदूषण का ये स्तर 10 से 15 सिगरेट पीने के बराबर है. इसके साथ ही गाजियाबाद का AQI लेवल भी बहुत हाई चल रहा है. यहां का एक्यूआई 510 दर्ज किया गया है.
सेहत के लिए खतरनाक है बढ़ता प्रदूषण
एक्सपर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण फेफड़ों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है. इसकी वजह से फेफड़ों की कार्य क्षमता प्रभावित होती है. इससे हार्ट डिजीज का जोखिम भी बढ़ जाता है. यदि आप लगातार इस प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं तो आपको अस्थमा, कैंसर, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी, सांस संबंधित रोग हैं, ऐसे में वे लोग घर से बाहर निकलने की गलती बिल्कुल भी न करें.
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क्या है AQI लेवल गुड और बैड?
0-50- (गुड)- बहुत कम या कोई जोखिम नहीं, इसमें मास्क की पहनने की जरूरत नहीं होती.
51–100- (मॉडरेट)- संवेदनशील व्यक्तियों के लिए मॉडरेट रिस्क, संवेदनशील लोग लंबे समय तक बाहर मेहनत वाला काम करने से बचें.
101–150- (संवेदनशील लोगों के लिए अस्वस्थ)- ऐसे लोग देर तक बाहर रहने से बचें.
151–200- (अनहेल्दी)- सभी की सेहत के लिए हानिकारक, मास्क पहनें. संवेदनशील लोग लंबे समय तक बाहर मेहनत करने से बचें. नॉर्मल लोग भी कम ही बाहर घूमें.
201–300- (अधिक अनहेल्दी)- पूरी आबादी के लिए स्वास्थ्य चेतावनी, मास्क पहनें. सक्रिय बच्चों और श्वसन समस्याओं वाले वयस्क बाहर बिल्कुल ना निकलें.
301+ (खतरनाक)- सभी के लिए गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव, मास्क जरूर पहनें, जरूरत नहीं तो घर से बाहर न निकलें, हर कोई इससे प्रभावित हो सकता है. यह हेल्थ के लिए एक एमरजेंसी कंडीशन है.
AQI लेवल गुड और बैड को दर्शाने के लिए रंग
0-50- हरा रंग
51-100- पीला रंग
101-150- नारंगी रंग
151-200- लाल रंग
201-300- बैंगनी रंग
300+- मैरून रंग
सस्ते, सर्जिकल और कपड़े के मास्क सुरक्षित नहीं
कोविड-19 के दौरान कंडीशन इतनी खराब थी मास्क पहनना अनिवार्य था. आज भी जिस खतरनाक स्तर पर वायु प्रदूषण पहुंच चुका है, हवा की क्वालिटी बदतर होती जा रही है. ऐसे हालात में एक बार फिर से एक्सपर्ट मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक लेवल पर पहुंच चुका है लेकिन, लोग भी मजबूर हैं. उन्हें घर चलाने के लिए घर से बाहर निकलना ही पड़ता है. ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए किस क्वालिटी का मास्क पहनें ये जान लेना भी जरूरी है. लोकल क्वालिटी के सस्ते मास्क, सर्जिकल और कपड़े के मास्क वायु प्रदूषण से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते हैं. ये पीएम2.5 जैसे हानिकारक कण और एरोसोल को रोकने में सक्षम नहीं होते हैं.
KN95, FFP2 या N95 मास्क सबसे बेहतर विकल्प
इसके अलावा कई प्रोटेक्टिव फेस मास्क N90, N95 या N99 रेटिंग के साथ आते हैं. ये नंबर हमे ये बताते हैं कि यह मास्क कितने बारीक कणों (0.3 माइक्रॉन तक छोटे) को सांसों तक पहुंचने से रोक सकते हैं. एक N95 मास्क लगभग 95 फीसदी तो N90 लगभग 90 फीसदी बारीक कणों को रोकने में सक्षम है. अगर आप हवा में मौजूद प्रदूषण वाले कणों या संक्रामक कणों से बचाव चाहते हैं, तो इसके लिए KN95, FFP2 या N95 मास्क सबसे बेहतर विकल्प हैं. किसी भी मास्क की असली प्रभावशीलता उसके फिट होने पर निर्भर करती है यानी मास्क सही से फिट होना जरूरी है. एक अच्छी सील सांस लेते समय मास्क को चेहरे से अच्छी तरह चिपका कर रखती है, जिससे बाहर की हवा अंदर न घुस सके.