Delhi-NCR Weather: आज दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का दोहरा प्रकोप झेलना पड़ रहा है। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को तापमान 48 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हो रहा है। सुबह से ही तेज धूप और चिपचिपी गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल लोगों को लू के साथ उमस से भी सतर्क रहने की जरूरत है।
44 डिग्री तापमान, लेकिन महसूस हो रही 48 डिग्री जैसी गर्मी
मौसम में नमी बढ़ने के कारण वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है। इसे 'फील्स लाइक' तापमान कहा जाता है, जो शरीर पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव को दर्शाता है। ऐसे मौसम में कुछ देर धूप में रहने पर भी थकान, अत्यधिक पसीना और शरीर में पानी की कमी की समस्या हो सकती है। दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है।
उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
तेज धूप के साथ उमस ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। हवा की रफ्तार कम होने से पसीना जल्दी नहीं सूख रहा, जिससे बेचैनी और घुटन महसूस हो रही है। बाजारों में दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम देखी जा रही है, जबकि सड़कों पर भी गर्म हवाओं का असर साफ नजर आ रहा है। बिजली की मांग भी बढ़ गई है क्योंकि लोग लगातार कूलर और एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मौसम विभाग की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और सूती कपड़े पहनना तथा धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यदि चक्कर, कमजोरी या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत छायादार स्थान पर आराम करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
बारिश का इंतजार, कब मिलेगी राहत?
भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की निगाहें अब मानसून और बारिश पर टिकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है। हालांकि तब तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना, पर्याप्त पानी पीना और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है।