नए साल के पहले ही दिन दिल्ली वालों को ऐसा तोहफा मिला है, जिसने रोजमर्रा की सबसे बड़ी परेशानी पर सीधा वार किया है। ऑफिस देर से पहुंचने की टेंशन, कॉलेज के लिए भागदौड़ और अस्पताल पहुंचने में जाम का डर अब पहले जैसा नहीं रहेगा। खासतौर पर युवा और कामकाजी महिलाओं के लिए यह राहत किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। सरकार की तरफ से एक साथ दो बड़े फैसले सामने आए हैं, जिनका असर सीधा लोगों के समय, पैसे और मानसिक तनाव पर पड़ेगा। दिल्ली में सफर अब आसान, सस्ता और भरोसेमंद बनने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है।
भारत टैक्सी से खत्म होगी महंगे किराये की परेशानी
दिल्ली की सड़कों पर भारत टैक्सी नाम की नई कोऑपरेटिव कैब सर्विस शुरू हो चुकी है। यह कोई निजी कंपनी नहीं, बल्कि ड्राइवरों की अपनी सर्विस है, जिसे सरकारी समर्थन मिला है। इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी हाल में सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी। बारिश हो, पीक ऑवर हो या रात का वक्त, किराया अचानक नहीं बढ़ेगा। लंबे समय से निजी कैब कंपनियों के महंगे किराये और मनमानी से परेशान यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत है। रोज तय समय पर ऑफिस और कॉलेज पहुंचने वालों के लिए यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है।
ड्राइवर होंगे मालिक, यात्रियों को मिलेगा भरोसा
भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर ओन्ड नेटवर्क के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चला रही है, जिसे गृह और सहकारिता मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। अभी तक दिल्ली और गुजरात में करीब 56 हजार ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जिनमें कार, ऑटो और बाइक शामिल हैं। इस मॉडल में ड्राइवर सिर्फ सेवा देने वाले नहीं, बल्कि सिस्टम के मालिक भी हैं। उन्हें किराये का 80 से 100 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा और सालाना लाभांश भी। इससे ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी और यात्रियों को ज्यादा जिम्मेदार सेवा मिलने की उम्मीद है।
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मयूर विहार से एम्स तक जाम से राहत
दिल्ली वालों को दूसरा बड़ा तोहफा मयूर विहार से सीधे दिल्ली एम्स तक बनने वाला फ्लाईओवर है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसका काम 91 प्रतिशत पूरा हो चुका है और कुछ पेड़ों को हटाने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। इसके चालू होते ही पूर्वी दिल्ली से दक्षिण और नई दिल्ली के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। सबसे बड़ा फायदा एम्स जाने वाले मरीजों और एंबुलेंस को होगा, जिन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। निजामुद्दीन ब्रिज, भैरों मार्ग और आश्रम चौक पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा।