No PUC No Fuel Rule : दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग को रोकने के लिए 1 नवंबर से ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू करने की घोषणा की गई है। इस नियम के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने पर पेट्रोल पंप पर वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाने में परेशानी हो सकती है। जिन गाड़ियों का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, उनके मालिकों को पहले इसे रिन्यू कराना होगा। इसके अलावा, बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर चालान का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे घर से निकलने से पहले अपने सर्टिफिकेट की वैधता जांच लें, ताकि पेट्रोल पंप पर परेशानी न हो।
नॉन-BS6 गाड़ियों पर भी पाबंदी
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नॉन-BS6 गाड़ियों की एंट्री पर भी प्रतिबंध लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों को अपने वाहन से जुड़े नियमों की जानकारी पहले ही हासिल कर लेनी चाहिए। PUC सर्टिफिकेट की वैधता जांचने के लिए सरकारी परिवहन पोर्टल और आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑनलाइन जांच के लिए आमतौर पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी पांच अंक मांगे जाते हैं। सही जानकारी दर्ज करने पर सर्टिफिकेट की स्थिति और उसकी वैधता की तारीख देखी जा सकती है।
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मोबाइल से ऐसे चेक करें PUC सर्टिफिकेट
अपने वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट चेक करने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक Parivahan पोर्टल पर जाएं। वहां वाहन की जानकारी देखने वाले विकल्प में रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और मांगी गई जानकारी भरें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखने वाला सुरक्षा कोड डालकर जानकारी देखें। पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के जरिए PUC की स्थिति जांची जा सकती है। अगर सर्टिफिकेट की वैधता खत्म हो गई है, तो अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर नया प्रमाणपत्र बनवाएं। ध्यान रखें कि दिल्ली में बिना वैध PUC के ईंधन देने पर रोक लगाने का निर्देश पहले भी जारी हो चुका है। इसलिए 1 नवंबर का इंतजार किए बिना अपने सर्टिफिकेट की वैधता जांच लेना बेहतर है।
mParivahan ऐप और PUC की वैधता
मोबाइल पर वाहन से जुड़ी जानकारी देखने के लिए आधिकारिक mParivahan ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐप में अपने वाहन की जानकारी जोड़कर उपलब्ध प्रमाणपत्र संबंधी विवरण देखें। PUC की वैधता खत्म होने वाली है, तो समय रहते प्रदूषण जांच कराएं। नई गाड़ी को भी निर्धारित अवधि के बाद PUC जांच की जरूरत होती है, इसलिए केवल वाहन नया होने के भरोसे न रहें। यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं दिखता, तो रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी पांच अंक दोबारा जांचें। जरूरत पड़ने पर अधिकृत जांच केंद्र से संपर्क करें और सर्टिफिकेट की डिजिटल या कागजी प्रति संभालकर रखें।