होली के बाद दिल्ली में महिलाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। आईजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में चार नई योजनाओं की शुरुआत की गई, जिनमें ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’, ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ और ‘दिल्ली लखपति बिटिया’ जैसी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं का मकसद महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है। सबसे ज्यादा चर्चा सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड को लेकर हो रही है, क्योंकि इसके जरिए महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी।
कैसे बनेगा सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड
पिंक कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आसान रखी गई है। इसके लिए बस डिपो और एसडीएम कार्यालयों में विशेष केंद्र बनाए गए हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। मोबाइल पर ओटीपी आने के बाद कार्ड जारी कर दिया जाएगा। पहली बार कार्ड बनवाने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अगर कार्ड खो जाता है तो मामूली फीस देकर दोबारा बनवाया जा सकता है। इस सुविधा के लिए न्यूनतम उम्र पांच साल तय की गई है, ताकि छोटी बच्चियां भी इसका लाभ ले सकें।
बस में मुफ्त, बाकी सेवाओं में रिचार्ज जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह मुफ्त सुविधा सिर्फ दिल्ली की महिलाओं के लिए होगी, जिनके पास दिल्ली का आधार कार्ड है। डीटीसी बसों में कार्ड स्वैप करते ही सफर मुफ्त होगा। हालांकि मेट्रो या नमो भारत जैसी सेवाओं में यात्रा करने के लिए कार्ड में रिचार्ज कराना होगा। यानी एक ही कार्ड से कई तरह की यात्रा संभव होगी, लेकिन मुफ्त सुविधा फिलहाल बसों तक सीमित रहेगी। इसके अलावा ब्लू और येलो कार्ड की भी व्यवस्था की गई है, ताकि अलग-अलग जरूरत के अनुसार यात्रियों को सुविधा मिल सके।
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आर्थिक सशक्तिकरण पर भी फोकस
इन योजनाओं का मकसद सिर्फ यात्रा आसान करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ योजना के जरिए महिलाओं को अपने आर्थिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं ‘दिल्ली लखपति बिटिया’ का लक्ष्य बेटियों को मजबूत भविष्य देना है। अब देखना होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाती हैं। फिलहाल महिलाओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और इस नई पहल को त्योहार का खास तोहफा माना जा रहा है।