नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की वेस्टर्न रेंज-II अपराध शाखा ने एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए, अंतरराज्यीय बैंक डकैतियों के आरोपी कमरुल्ला उर्फ़ मामू को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले का निवासी है और कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में दर्ज तीन बड़े बैंक डकैती मामलों में वांटेड था। आरोपी को पिछले कई वर्षों से पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि 5 नवंबर 2025 को डब्लूआर-II अपराध शाखा के उप निरीक्षक रवि भूषण को एक विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली के महावीर एन्क्लेव-III में फल विक्रेता बनकर आ रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, निरीक्षक गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने रणनीतिक रूप से महावीर एन्क्लेव-III में जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुष्टि हुई कि कमरुल्ला कर्नाटक में तीन बैंक डकैती के मामलों में वांटेड था।
गैंग की कार्यशैली
कमरुल्ला उर्फ मामू एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह 'मामू गैंग' का मास्टरमाइंड है। गैंग के सदस्य आमतौर पर दिन में फल विक्रेता के रूप में बैंक की रेकी करते थे, फिर रात में उच्च तकनीकी उपकरणों के साथ बैंक डकैती को अंजाम देते थे। यह गिरोह हमेशा अपने स्थान को बदलता रहता था, ताकि पुलिस से बच सके।
कमरुल्ला उर्फ मामू, अजीजुल्ला का पुत्र, निवासी डंबर नगर, थाना कदरचौक, जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वर्तमान में वह दिल्ली के महावीर एन्क्लेव में फल बेचता था। उसकी उम्र 51 वर्ष है और वह अनपढ़ है। कमरुल्ला का आपराधिक इतिहास लंबा है और वह कई राज्यों में बड़े बैंक डकैती की वारदातों में शामिल रहा है।